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श्रीगंगानगर में बार काउंसिल चुनाव के लिए मतदान में दिखा उत्साह, बड़े बैलेट पेपर ने बढ़ाई मतदाताओं की चुनौती

 
श्रीगंगानगर में बार काउंसिल चुनाव के लिए मतदान में दिखा उत्साह, बड़े बैलेट पेपर ने बढ़ाई मतदाताओं की चुनौती

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कलक्ट्रेट परिसर स्थित बार संघ सभागार और ई-लाइब्रेरी में बनाए गए दो मतदान केंद्रों पर दिनभर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी रही।

निर्धारित 1665 मतदाताओं में से 1374 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, जिससे मतदान प्रतिशत भी उल्लेखनीय रहा। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर अधिवक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और दिनभर यह प्रक्रिया उत्साहपूर्ण माहौल में चलती रही।

इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता और चर्चा का विषय विशाल आकार का बैलेट पेपर रहा। एक ही बैलेट पेपर में कुल 234 प्रत्याशियों के नाम शामिल होने के कारण मतदाताओं को सही चयन करने में काफी समय लगा और कई बार असमंजस की स्थिति भी बनी रही। चुनाव प्रक्रिया के तहत प्रत्येक मतदाता को 23 प्रत्याशियों को वरीयता क्रम में अंक देने थे, जिसके चलते मतदान में सामान्य से अधिक समय लग रहा था।

कई अधिवक्ता पहले से तैयार सूची लेकर मतदान केंद्र पहुंचे, ताकि समय की बचत हो सके और सही वरीयता क्रम देने में सुविधा हो। वहीं कुछ मतदाताओं ने मौके पर ही विचार-विमर्श कर अपने पसंदीदा प्रत्याशियों का चयन किया।

मतदान केंद्रों पर चुनावी माहौल भी पूरी तरह सक्रिय नजर आया। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। कोई अधिवक्ताओं के पैर छूकर समर्थन मांगता दिखा तो कोई गले मिलकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करता नजर आया।

मतदान केंद्रों के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही, जिससे पूरे परिसर में चुनावी सरगर्मी चरम पर दिखाई दी। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन की ओर से उचित इंतजाम किए गए थे।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। लंबी सूची और जटिल मतदान प्रक्रिया के बावजूद अधिवक्ताओं ने धैर्य के साथ अपने मताधिकार का उपयोग किया। अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान में किन प्रत्याशियों को अधिवक्ताओं का समर्थन मिला है।