खेप पंजाब जा रही फिर टुकड़ों में वापस आ रही, पुलिस की स्पेशल टीम तस्कर पकड़ेगी
भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा राजस्थान का Sri Ganganagar जिला पिछले कुछ वर्षों में नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क का केंद्र बनता जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में यहां सुरक्षा एजेंसियों ने 140 किलो से ज्यादा हेरोइन और 15 ड्रोन पकड़े हैं। बरामद की गई इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 अरब रुपए बताई जा रही है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह तस्करी मुख्य रूप से सीमा पार से ड्रोन के जरिए की जा रही है। कई मामलों में ड्रोन के जरिए हेरोइन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री भारतीय सीमा में गिराई जाती है, जिसे बाद में तस्कर अपने नेटवर्क के जरिए अलग-अलग जगहों तक पहुंचाते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि कई बार यह खेप पहले Punjab भेजी जाती है। वहां से इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर फिर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता है। कुछ मामलों में यह खेप वापस राजस्थान के रास्ते भी दूसरे इलाकों तक पहुंचाई जाती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अब नए-नए तरीके अपनाकर सुरक्षा एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। ड्रोन के जरिए तस्करी के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है। यही कारण है कि सीमा क्षेत्रों में निगरानी भी लगातार बढ़ाई जा रही है।
इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने तस्करी के इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें लगातार सीमा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रख रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार ड्रोन और नशा तस्करी के मामलों में तकनीकी निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। इसके लिए आधुनिक उपकरणों और सर्विलांस सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, ताकि सीमा पार से होने वाली तस्करी को समय रहते रोका जा सके।
पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सीमा से सटे क्षेत्रों में लगातार बढ़ती तस्करी की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से कई बड़ी खेप पकड़ी भी जा रही हैं, जिससे तस्करी के नेटवर्क पर लगातार दबाव बना हुआ है।
