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माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल का निधन, 94 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

 
माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल का निधन, 94 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

राजस्थान की वामपंथी राजनीति और किसान-मजदूर आंदोलनों का बड़ा चेहरा रहे हेतराम बेनीवाल का 23 फरवरी की रात निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे। बेनीवाल ने श्रीगंगानगर के टांटिया अस्पताल में रात 10:58 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।

हेतराम बेनीवाल लंबे समय तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से जुड़े रहे और प्रदेश में पार्टी के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती थी। वे किसान और मजदूरों के अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए जाने जाते थे। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई जन आंदोलनों का नेतृत्व किया और ग्रामीण तथा श्रमिक वर्ग के हितों के लिए संघर्ष किया।

बेनीवाल विधायक के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान रखते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास और आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उनकी सादगी और जनसंपर्क शैली के कारण वे आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे।

बताया जा रहा है कि उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी। इलाज के लिए उन्हें श्रीगंगानगर के टांटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

उनके निधन की सूचना मिलते ही माकपा कार्यकर्ताओं, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका निधन वामपंथी आंदोलन और किसान राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।

हेतराम बेनीवाल का पूरा जीवन संघर्ष और जनसेवा को समर्पित रहा। उन्होंने किसानों, मजदूरों और आमजन के अधिकारों के लिए हमेशा आवाज उठाई। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।

परिवार और समर्थकों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और आमजन के शामिल होने की संभावना है। उनके निधन से समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है।