श्रीगंगानगर में सफाई कर्मियों की हड़ताल से बिगड़ी व्यवस्था, शहर में गंदगी के ढेर
श्रीगंगानगर नगर परिषद के 700 से अधिक अस्थायी सफाई कर्मियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। हड़ताल के चलते शहर के अधिकांश इलाकों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गर्ल्स कॉलेज, मंदिर, पार्क और गलियों सहित प्रमुख स्थानों पर कचरा जमा हो गया है। सड़कों और चौराहों पर फैली गंदगी के कारण न केवल बदबू फैल रही है, बल्कि राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन भी मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों को मुंह ढककर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से सफाई नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। खासकर सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों का कहना है कि उनकी विभिन्न मांगों को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा। कर्मियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
वहीं, नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, हड़ताल खत्म कराने के लिए सफाई कर्मियों से वार्ता जारी है और जल्द ही कोई समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से भी सहयोग की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जैसे ही हड़ताल समाप्त होगी, शहर में सफाई व्यवस्था को जल्द बहाल कर दिया जाएगा।
इस बीच, शहरवासियों में बढ़ती गंदगी को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए, ताकि शहर की व्यवस्था सामान्य हो सके।
फिलहाल, श्रीगंगानगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हड़ताल कब खत्म होती है और हालात कब सामान्य होते हैं।
