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श्रीगंगानगर में भारत-पाक सीमा के पास खेत से डेढ़ किलो हेरोइन बरामद, जांच तेज

 
श्रीगंगानगर में भारत-पाक सीमा के पास खेत से डेढ़ किलो हेरोइन बरामद, जांच तेज

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सोमवार को एक बार फिर नशीले पदार्थों की बड़ी खेप मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में दूसरे दिन लगातार नशीले पदार्थ मिलने की घटना सामने आई है, जिससे सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को सीमा के पास स्थित एक खेत में तीन पैकेट हेरोइन बरामद की गई। इन पैकेटों का कुल वजन करीब डेढ़ किलोग्राम बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह खेप सीमा पार से तस्करी कर भारतीय क्षेत्र में भेजी गई हो सकती है।

स्थानीय ग्रामीणों ने खेत में संदिग्ध पैकेट पड़े होने की सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया और पैकेटों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। बरामद हेरोइन को आगे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

घटना के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप वहां तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन सा तस्करी गिरोह सक्रिय है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थ मिलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले भी इसी इलाके में संदिग्ध पैकेट बरामद किए गए थे, जिनकी जांच अभी जारी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन और अन्य तकनीकी माध्यमों से भी निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि तस्करी के प्रयासों को रोका जा सके। साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

फिलहाल, बरामद हेरोइन की जांच और तस्करी नेटवर्क की पहचान के लिए संयुक्त जांच टीम काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा और नशा तस्करी की चुनौती को उजागर कर दिया है, जिससे निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क बनी हुई हैं।