श्रीगंगानगर में सभापति की कुर्सी के लिए आज से नामांकन, बहुमत से 3 सीट दूर BJP; निर्दलीय होंगे अहम
श्रीगंगानगर नगर परिषद में सभापति पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभापति की कुर्सी के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। नगर परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की नजर बोर्ड गठन और सभापति पद पर है। भाजपा बहुमत के आंकड़े से तीन सीट दूर है। ऐसे में बोर्ड बनाने के लिए पार्टी को निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करना होगा।
चुनाव परिणामों के बाद भाजपा की स्थिति मजबूत जरूर है, लेकिन वह अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकी है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। भाजपा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त संख्या में निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने की होगी। माना जा रहा है कि सभापति पद के चुनाव से पहले राजनीतिक संपर्क और बैठकों का दौर तेज हो सकता है।
सभापति पद के लिए भाजपा की ओर से संभावित दावेदारों के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें वार्ड नंबर 58 के अजय दावड़ा और वार्ड नंबर 55 के संजय मूंदड़ा का नाम सामने आ रहा है। दोनों नामों को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है। हालांकि अंतिम तौर पर सभापति पद के लिए कौन उम्मीदवार होगा, इसका फैसला पार्टी स्तर पर किया जाना बाकी है।
सभापति पद का चुनाव श्रीगंगानगर नगर परिषद की आगामी राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के पास बहुमत से तीन सीट कम होने के कारण निर्दलीय पार्षदों का समर्थन निर्णायक हो सकता है। यदि पार्टी जरूरी संख्या जुटा लेती है तो सभापति की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा हो सकता है। वहीं निर्दलीय पार्षदों का रुख चुनाव के अंतिम समीकरण को प्रभावित कर सकता है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही नगर परिषद में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की उम्मीद है। संभावित उम्मीदवारों के समर्थक भी सक्रिय हो सकते हैं। सभापति पद के लिए कौन नामांकन दाखिल करता है और कौन-कौन से पार्षद किस उम्मीदवार के समर्थन में आते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
श्रीगंगानगर नगर परिषद में बोर्ड गठन को लेकर भाजपा के सामने एक ओर बहुमत जुटाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर सभापति पद के लिए मजबूत उम्मीदवार तय करना भी अहम होगा। पार्टी के भीतर अजय दावड़ा और संजय मूंदड़ा के नामों की चर्चा के बीच अंतिम निर्णय पर सबकी नजर रहेगी।
निर्दलीय पार्षदों के पास इस समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थिति है। भाजपा को बहुमत तक पहुंचने के लिए तीन सीटों की जरूरत है, ऐसे में इन पार्षदों के समर्थन के बिना बोर्ड गठन मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर निर्दलीय पार्षद अपने समर्थन के बदले किन मुद्दों और शर्तों को प्राथमिकता देते हैं, यह भी आगे की राजनीति में महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल सभापति पद के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। भाजपा बहुमत से तीन सीट दूर है और उसकी नजर निर्दलीय पार्षदों पर है। वार्ड 58 के अजय दावड़ा और वार्ड 55 के संजय मूंदड़ा संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। अब नामांकन और उसके बाद होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम से श्रीगंगानगर नगर परिषद में बोर्ड गठन की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
