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Sriganganagar राइजिंग राजस्थान में आधे से अधिक समझौता ज्ञापनों के सफल होने की उम्मीद

 
Sriganganagar राइजिंग राजस्थान में आधे से अधिक समझौता ज्ञापनों के सफल होने की उम्मीद
श्रीगंगानगर न्यूज़ डेस्क, श्रीगंगानगर  राइजिंग राजस्थान के तहत श्रीगंगानगर व अनूपगढ़ में हुए एमओयू में से आधे से अधिक एमओयू के सिरे चढ़ने की उम्मीद बंधी है। जिला कृषि प्रधान है, इसलिए सर्वाधिक एमओयू कृषि से संबंधित हैं। राज्य सरकार के निर्देश निवेशकों को हर संभव सहायता देकर ज्यादा से ज्यादा एमओयू को धरातल पर उतारने के हैं, इसलिए एमओयू का अलग-अलग वर्गीकरण कर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। राइजिंग राजस्थान के तहत श्रीगंगानगर व अनूपगढ़ में आयोजित समिट में 586 एमओयू हुए। नए उद्योगों की स्थापना में सबसे बड़ी समस्या भूमि की व्यवस्था है। रीको के पास इस समय श्रीगंगानगर के अलावा और किसी जगह पर भूखंड नहीं है। श्रीगंगानगर में भी रीको के पास 29 भूखंड है। श्रीगंगानगर व अनूपगढ़ में हुए एमओयू को लेकर प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि 315 एमओयू ऐसे हैं, जिनमें निवेशकों के पास भूमि उपलब्ध है। इन निवेशकों की उद्योग की स्थापना से संबंधित सभी जरूरतें समय पर पूरी हुई तो एमओयू धरातल पर नजर आएंगे और यह राइजिंग राजस्थान की बड़ी उपलब्धि होगी।

प्रशासन का पूरा जोर

राइजिंग राजस्थान के तहत हुए एमओयू ज्यादा से ज्यादा धरातल पर उतरे, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। निवेशकों को लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि उद्योग की स्थापना से संबंधित उनकी जरूरतों को समय पर पूरा किया जाएगा। उनकी हर समस्या का समाधान तत्परता से किया जाएगा। एमओयू का वर्गीकरण कर जिन विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी समीक्षा के लिए जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन रीना की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की बैठक हर सोमवार को होगी, जिसमें एमओयू से संबंधित प्रगति की समीक्षा की जाएगी।