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श्रीगंगानगर में फिर सक्रिय होगा मानसून, 29 जुलाई से बारिश की संभावना; 2 अगस्त तक जारी रह सकता है दौर

 
श्रीगंगानगर में फिर सक्रिय होगा मानसून, 29 जुलाई से बारिश की संभावना; 2 अगस्त तक जारी रह सकता है दौर

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 29 जुलाई से मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जिसके चलते जिलेभर में बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय रहेगा। इसका असर श्रीगंगानगर जिले में भी देखने को मिल सकता है। विभाग ने संभावना जताई है कि 29 जुलाई से 2 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

पिछले कुछ दिनों से जिले में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। बादलों की आवाजाही के बीच लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने की खबर से किसानों और आम लोगों को राहत की उम्मीद जगी है।

श्रीगंगानगर जिले में कृषि पूरी तरह मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की संभावना है। किसान लंबे समय से पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों की बेहतर पैदावार हो सके।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।

जिले में बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है। प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान में इस बार मानसून की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कुछ इलाकों में लोग अभी भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं। श्रीगंगानगर में भी अब तक बारिश का वितरण असमान रहा है।

किसानों का कहना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त की शुरुआत में होने वाली बारिश फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेती-किसानी को बड़ा फायदा मिल सकता है।

फिलहाल मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिले के लोगों की नजरें आसमान पर टिकी हुई हैं। मानसून के सक्रिय होने से जहां गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कृषि क्षेत्र को भी नई ऊर्जा मिल सकती है।