सरकारी डिग्री कॉलेज में हवाई हमले का सायरन बजते ही मॉक ड्रिल, छात्रों और स्टाफ ने दिखाया समन्वय
सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन की तैयारियों के तहत गुरुवार को जिले के एक सरकारी डिग्री कॉलेज में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान जैसे ही हवाई हमले का सायरन बजा, परिसर में मौजूद छात्र और संकाय सदस्य सतर्क हो गए और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़े।
अचानक सायरन की आवाज से कुछ क्षण के लिए कॉलेज परिसर में हलचल और सतर्कता का माहौल बन गया। लेकिन प्रशिक्षित व्यवस्था के चलते सभी ने संयम बनाए रखते हुए पूर्व निर्धारित आपातकालीन प्रोटोकॉल के अनुसार प्रतिक्रिया दी। छात्रों को सुरक्षित रूप से खुले स्थानों और निर्धारित शेल्टर एरिया में ले जाया गया, जबकि स्टाफ सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर हवाई हमले जैसी परिस्थिति में त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना था। ड्रिल के दौरान यह भी देखा गया कि सभी प्रतिभागियों ने निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासन और समन्वय का बेहतर प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल में सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया और पूरे अभ्यास की निगरानी की। उन्होंने बताया कि इस तरह के अभ्यास से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में घबराहट को कम करने में भी मदद मिलती है।
अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक समय में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा की तैयारियां बेहद जरूरी हो गई हैं। ऐसे अभ्यास छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं और उन्हें संकट की स्थिति में सही निर्णय लेने में सक्षम करते हैं।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि सभी छात्र और स्टाफ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
ड्रिल के सफल आयोजन के बाद अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की और कहा कि यह अभ्यास पूरी तरह सफल रहा।
