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श्रीगंगानगर में निकाय और जिला परिषद वार्डों की लॉटरी कल, जिला प्रमुख महिला; सभापति पद अनारक्षित

 
श्रीगंगानगर में निकाय और जिला परिषद वार्डों की लॉटरी कल, जिला प्रमुख महिला; सभापति पद अनारक्षित

श्रीगंगानगर जिले में आगामी निकाय और पंचायतीराज चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने कार्यक्रम तय कर दिया है। नगर निकायों और जिला परिषद के वार्डों की लॉटरी कल निकाली जाएगी। वहीं 18 सितंबर को सरपंच और पंचों के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी होगी।

इस बार श्रीगंगानगर में जिला प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा। इसके चलते जिला परिषद चुनाव में महिला दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। वहीं नगर निकाय में सभापति का पद अनारक्षित रखा गया है। इससे महिला और पुरुष दोनों वर्गों के दावेदारों को सभापति पद के लिए चुनावी मैदान में उतरने का अवसर मिलेगा।

जिला परिषद के वार्डों की आरक्षण लॉटरी चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लॉटरी के बाद यह स्पष्ट होगा कि कौन सा वार्ड सामान्य रहेगा और कौन सा वार्ड अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या महिला वर्ग के लिए आरक्षित होगा।

लॉटरी को लेकर संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजरें प्रशासन की ओर से जारी होने वाली आरक्षण सूची पर टिकी हैं। कई दावेदार पहले से ही अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क कर रहे हैं। वार्ड आरक्षित होने की स्थिति में कई नेताओं को अपनी चुनावी रणनीति बदलनी पड़ सकती है।

नगर निकायों के वार्डों की लॉटरी भी कल होने से स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। सभापति पद अनारक्षित होने के कारण इस पद के लिए दावेदारों की संख्या बढ़ने की संभावना है। राजनीतिक दल भी वार्ड आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित उम्मीदवारों के चयन पर मंथन शुरू करेंगे।

पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में जिला प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित होने से जिला परिषद की राजनीति में महिला नेतृत्व को प्रमुख भूमिका मिलेगी। जिला प्रमुख का चुनाव निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों के माध्यम से होता है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए अधिक से अधिक वार्डों में अपने समर्थित उम्मीदवारों को जीत दिलाना महत्वपूर्ण होगा।

वहीं 18 सितंबर को सरपंच और पंचों के वार्डों की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी समीकरण भी स्पष्ट होने लगेंगे। पंचायत स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों की निगाहें भी आरक्षण प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

प्रशासन की ओर से लॉटरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराने की तैयारी की गई है। संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित नियमों के अनुसार वार्डों का आरक्षण तय किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरक्षण की सूची जारी की जाएगी।

श्रीगंगानगर में निकाय और जिला परिषद वार्डों की लॉटरी के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। जिला प्रमुख पद महिला के लिए आरक्षित और सभापति पद अनारक्षित होने से जिले में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। वहीं 18 सितंबर को सरपंच-पंचों की लॉटरी के बाद गांवों में भी चुनावी हलचल बढ़ेगी।