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जेईई मेन 2026 का रिजल्ट जारी, श्रीगंगानगर के यशवर्धन कड़वासरा ने हासिल की ऑल इंडिया 11वीं रैंक

 
जेईई मेन 2026 का रिजल्ट जारी, श्रीगंगानगर के यशवर्धन कड़वासरा ने हासिल की ऑल इंडिया 11वीं रैंक

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा National Testing Agency ने सोमवार को JEE Main 2026 का परिणाम जारी कर दिया। परिणाम जारी होने के साथ ही देशभर के लाखों विद्यार्थियों के प्रदर्शन की तस्वीर साफ हो गई है। इस बार राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले ने भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

श्रीगंगानगर के यशवर्धन कड़वासरा ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

JEE Main 2026 को देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जिसमें हर साल लाखों छात्र आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए शामिल होते हैं। इस परीक्षा में उच्च रैंक हासिल करना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

यशवर्धन कड़वासरा ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और लगातार अभ्यास को दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह के दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।

उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षकों ने भी गर्व जताया है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि यशवर्धन शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उन्होंने लगातार मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनके शिक्षकों के अनुसार, उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

स्थानीय लोगों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई है और कहा है कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी सफलता हासिल कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के साथ किसी भी छात्र के लिए बड़े लक्ष्य हासिल करना संभव है।

National Testing Agency ने परीक्षा परिणाम के साथ टॉप रैंकर्स की सूची भी जारी की है, जिसमें देशभर के मेधावी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

फिलहाल, यशवर्धन कड़वासरा का चयन अब देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और उनकी सफलता से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह और बढ़ने की उम्मीद है।