श्रीगंगानगर में कोरिया नौकरी के नाम पर ठगी, फर्जी ऑफर लेटर देकर युवाओं से लाखों की ठगी
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। यहां युवाओं को दक्षिण कोरिया में नौकरी का झांसा देकर ठगों ने लाखों रुपये ऐंठ लिए। फर्जी ऑफर लेटर और दस्तावेज दिखाकर आरोपियों ने बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाया।
पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें कोरिया में अच्छी सैलरी और बेहतर भविष्य का लालच दिया। इसके बाद उन्हें ऑफर लेटर, वीजा प्रक्रिया और अन्य दस्तावेजों के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे जमा करवाए गए। शुरुआत में सब कुछ असली लगने के कारण युवाओं को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
जब लंबे समय तक न तो वीजा मिला और न ही नौकरी से जुड़ी कोई प्रक्रिया आगे बढ़ी, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। कई बार संपर्क करने के बावजूद आरोपियों ने बहाने बनाए और बाद में फोन बंद कर दिए। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और नकली ऑफर लेटर तैयार कर युवाओं को विश्वास में लिया। इस तरह के मामलों में आमतौर पर बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठग युवाओं को विदेश में नौकरी का सपना दिखाते हैं और उनसे बड़ी रकम वसूल लेते हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के साइबर और जॉब फ्रॉड के मामलों में गिरोह संगठित तरीके से काम करते हैं, इसलिए इनके नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के ऑफर को लेकर सतर्क रहें और किसी भी एजेंसी या व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच कर लें। बिना सत्यापन के किसी भी ऑफर लेटर या कॉल पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों से बचने के लिए सरकारी वेबसाइटों और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही विदेश नौकरी की प्रक्रिया अपनानी चाहिए। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देना जरूरी है। फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की ठगी पर रोक लगाई जा सके।
