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श्रीगंगानगर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का औचक निरीक्षण, स्कूलों में मिली अनियमितताओं पर जताई नाराजगी

 
श्रीगंगानगर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का औचक निरीक्षण, स्कूलों में मिली अनियमितताओं पर जताई नाराजगी

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अपने दो दिवसीय श्रीगंगानगर दौरे के दौरान बुधवार को कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 1 से 8 तक संचालित राजकीय विद्यालय 3 एचएच और सूरतगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगवानगढ़ के एक डीबीएनडी विद्यालय का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। विद्यालयों की व्यवस्थाओं, शैक्षणिक वातावरण और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में मिली खामियों को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।

सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कुछ कक्षाओं में उपस्थिति रजिस्टर, साफ-सफाई की स्थिति और शिक्षण व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। वहीं, कई स्थानों पर विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर भी अपेक्षित व्यवस्था नहीं मिलने पर मंत्री ने असंतोष जताया।

मंत्री मदन दिलावर ने मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में अनुशासन, गुणवत्ता और नियमित शिक्षण व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यालयों में नियमित निरीक्षण किया जाए और शिक्षकों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली पर सख्त निगरानी रखी जाए। साथ ही, जिन विद्यालयों में कमियां पाई गई हैं, वहां सुधारात्मक कदम तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों से भी बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। ग्रामीणों ने विद्यालयों में संसाधनों की कमी और समय पर व्यवस्थाओं के अभाव की बात भी मंत्री के समक्ष रखी।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग में हलचल देखी गई है और संबंधित विद्यालयों में व्यवस्थाओं को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।