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श्रीगंगानगर में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट पर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों का अल्टीमेटम; 22 जुलाई तक डंपिंग बंद नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना

 
श्रीगंगानगर में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट पर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों का अल्टीमेटम; 22 जुलाई तक डंपिंग बंद नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 6 जेड क्षेत्र में कचरा डंप किए जाने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 22 जुलाई तक डंपिंग का कार्य बंद नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। ग्रामीणों के इस ऐलान के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठोस कचरा प्रबंधन के नाम पर क्षेत्र में लगातार कचरा डाला जा रहा है, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को दुर्गंध, गंदगी और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। इसी कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

मामला इसलिए भी उलझता जा रहा है क्योंकि प्रशासन अब तक इस विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीन पर कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। इससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा भी कमजोर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई तक यदि कचरा डंपिंग पूरी तरह बंद नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां आबादी और कृषि भूमि पर उसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उनका मानना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

दूसरी ओर, प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की आपत्तियों और मांगों पर विचार किया जा रहा है तथा सभी पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

फिलहाल श्रीगंगानगर में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब सबकी निगाहें 22 जुलाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि प्रशासन कोई समाधान निकाल पाता है या ग्रामीण अपनी चेतावनी के अनुसार अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हैं।