प्राइवेट स्कूल में बच्चे की मौत, वाटर कूलर से करंट लगने का आरोप; परिजनों का धरना, बोले- शिकायत के बाद भी नहीं दिया ध्यान
राजस्थान में एक निजी स्कूल में करंट लगने से बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल परिसर में लगे वाटर कूलर से बच्चे को करंट लगा, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। मृतक बच्चे के भाई का कहना है कि स्कूल की मैडम को वाटर कूलर में करंट आने की जानकारी पहले ही दी गई थी, लेकिन इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते स्कूल प्रबंधन ने शिकायत पर ध्यान दिया होता और वाटर कूलर को ठीक करा दिया होता तो बच्चे की जान बच सकती थी।
वाटर कूलर से करंट लगने का आरोप
परिजनों के मुताबिक बच्चा स्कूल में पढ़ने के लिए गया था। इसी दौरान वाटर कूलर के संपर्क में आने से उसे करंट लग गया। करंट लगने के बाद बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। स्कूल में मौजूद लोगों ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही।
परिवार के अनुसार इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
भाई बोला- मैडम को पहले बताया था
मृतक बच्चे के भाई ने आरोप लगाया कि स्कूल में वाटर कूलर में करंट आने की जानकारी पहले ही मैडम को दी गई थी। इसके बावजूद समस्या को ठीक नहीं कराया गया। भाई का कहना है कि शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने यदि बिजली के कनेक्शन और कूलर की जांच कराई होती तो हादसा टाला जा सकता था।
परिवार ने इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को बच्चे की मौत का जिम्मेदार बताया है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठा परिवार
बच्चे की मौत के बाद परिजन और उनके साथ आए लोग स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
धरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार से बातचीत कर मामले की जानकारी ली और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच जरूरी
मामले में अब यह जांच का विषय है कि वाटर कूलर में वास्तव में करंट कैसे आया और क्या स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी पहले से थी। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बिजली के उपकरणों, वायरिंग और अन्य संसाधनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। इस घटना ने स्कूल परिसरों में सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल बच्चे की मौत के बाद परिवार सदमे में है और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, परिजन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
