गंगनहर में 21 जनवरी से 24 फरवरी तक नहरबंदी: बीकानेर कैनाल से मिलेगा वैकल्पिक पानी
गंगनहर में आगामी 21 जनवरी से 24 फरवरी तक नहरबंदी की जाएगी। इस दौरान किसानों और स्थानीय प्रशासन ने वैकल्पिक जल प्रबंध के लिए योजना तैयार कर ली है। बीकानेर कैनाल के माध्यम से किसानों को आवश्यक पानी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि सिंचाई प्रभावित न हो और खेतों में फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सूत्रों के अनुसार, नहरबंदी के पीछे मुख्य कारण गंगनहर की मरम्मत, सफाई और जल प्रबंधन प्रणाली में आवश्यक सुधार कार्य हैं। इस अवधि में नहर की नियमित आपूर्ति बंद रहेगी, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने किसानों के साथ बैठक कर उन्हें वैकल्पिक जल आपूर्ति की पूरी जानकारी दी और उनकी सहमति प्राप्त की।
किसानों का कहना है कि नहरबंदी के दौरान पानी की कमी से फसलों पर असर पड़ सकता था, लेकिन बीकानेर कैनाल से वैकल्पिक आपूर्ति की सुविधा मिलने से उन्हें राहत मिली है। उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया और नहरबंदी में सहयोग करने की बात कही।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंगनहर में मरम्मत कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इससे भविष्य में पानी की आपूर्ति और सिंचाई प्रणाली की क्षमता बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से नहरबंदी के दौरान किसानों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि नहरबंदी जैसी योजना का समय पर और व्यवस्थित होना जरूरी है। इससे किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और जल प्रबंधन में भी सुधार होता है। बीकानेर कैनाल से वैकल्पिक पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि सिंचाई प्रभावित न हो और खेती के नुकसान की संभावना कम से कम रहे।
स्थानीय किसान और किसान संगठन प्रशासन के सहयोग से नहरबंदी की तैयारियों में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि वे इस अवधि के दौरान जल का उचित और सतर्क उपयोग करेंगे और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करेंगे।
जल संसाधन विभाग ने नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे नहरबंदी के दौरान पानी का सही उपयोग करें और नहर किनारे असावधानी से चलने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद पानी की बचत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
इस तरह, गंगनहर में 21 जनवरी से 24 फरवरी तक होने वाली नहरबंदी किसानों और प्रशासन के बीच तालमेल का उदाहरण है। वैकल्पिक जल आपूर्ति के प्रबंध से सिंचाई प्रभावित नहीं होगी और खेतों में फसलों की सुरक्षा बनी रहेगी। यह कदम भविष्य में जल प्रबंधन और नहर प्रणाली के विकास में भी सहायक साबित होगा।
किसानों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग की पहल की सराहना की है और नहरबंदी के दौरान सहयोग का भरोसा दिलाया है। इस प्रकार, आगामी लगभग एक महीने की नहरबंदी को सभी हितधारकों की सहमति और सहयोग के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।
