सिरोही में आवारा कुत्तों का आतंक, 20 दिनों में 60 से अधिक लोग घायल, हालात बिगड़े
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आमजन में भय और दहशत का माहौल गहराता जा रहा है। बीते करीब 20 दिनों में कुत्तों के हमलों की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है, जिसमें अब तक 60 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पिछले मात्र दो दिनों में ही 8 लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार बन चुके हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर अचानक कुत्तों ने काटकर जख्मी कर दिया।
शहर के विभिन्न मोहल्लों और सड़कों पर आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते देखे जा रहे हैं, जिससे लोगों को दिन के समय भी निकलने में डर महसूस हो रहा है। विशेषकर सुबह और शाम के समय स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है, जब लोग पैदल या वाहन से आवागमन करते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार नगर प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों का आरोप है कि आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन उनकी नसबंदी और पकड़ने की प्रक्रिया धीमी है।
कुत्तों के हमलों के बाद घायल लोगों को अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लगातार बढ़ रहे मामलों के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कुत्तों के काटने के मामलों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि समय पर उपचार न मिलने पर यह गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और विशेषकर बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की सलाह दी है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए तुरंत प्रभावी अभियान चलाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।
फिलहाल, सिरोही में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक प्रशासन और आमजन दोनों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है, जिसके त्वरित समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
