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सिरोही पॉक्सो कोर्ट का अहम फैसला: एक आरोपी बरी, दूसरे को 20 साल की सजा

 
सिरोही पॉक्सो कोर्ट का अहम फैसला: एक आरोपी बरी, दूसरे को 20 साल की सजा

जिले के पॉक्सो विशेष न्यायालय ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म से जुड़े एक गंभीर मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। विशिष्ट न्यायाधीश अनूप कुमार पाठक ने सुनवाई के बाद एक आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया, जबकि दूसरे आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है।

न्यायालय ने दोषी पाए गए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 55,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराधों की श्रेणी में आने के कारण अदालत ने सख्त रुख अपनाया।

मामला जिले के सिरोही क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां पीड़िता के परिजनों ने नाबालिग लड़की के लापता होने और बाद में उसके साथ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था और मामला अदालत में प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने एक आरोपी को दोषी माना। वहीं, दूसरे आरोपी के खिलाफ आरोपों को पर्याप्त रूप से साबित न कर पाने के कारण उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा सकती और ऐसे अपराध समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी को दी गई सजा समाज में कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से है।

इस फैसले के बाद पीड़िता पक्ष ने अदालत के निर्णय पर संतोष व्यक्त किया, वहीं पुलिस और अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह फैसला न्याय प्रणाली में विश्वास को मजबूत करता है।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में तेजी से सुनवाई और कठोर सजा अपराधियों के लिए चेतावनी का काम करती है, जिससे ऐसे अपराधों में कमी लाई जा सकती है।

कुल मिलाकर, यह फैसला नाबालिगों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की सख्ती को दर्शाता है, जिसमें अदालत ने एक आरोपी को सजा और दूसरे को साक्ष्यों के आधार पर राहत दी है।