सिरोही में मानसरोवर बांध छलका, झमाझम बारिश से नदियाँ-नाले उफान पर
राजस्थान के सिरोही जिले में पिछले दो-तीन दिनों से हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन और जल संसाधनों की स्थिति को प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण जिले की नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे बांधों में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में सोमवार रात्रि को सिरोही का मानसरोवर बांध भी छलक गया।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मानसरोवर बांध में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण पानी का एक बड़ा हिस्सा ओवरफ्लो हो गया। अधिकारियों ने कहा कि यह स्थिति बारिश के तेज़ प्रवाह और नदियों से लगातार पानी आने के कारण उत्पन्न हुई है। प्रशासन ने आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और जलस्तर बढ़ने से संभावित खतरे से निपटने के लिए बचाव व्यवस्थाएँ तैयार रखी हैं।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने कई स्थानों पर नदियों और नालों के किनारे रह रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोग अपने घरों और खेतों की सुरक्षा के लिए अलर्ट हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफान वाले नदियों और नालों के पास न जाएँ और सतर्क रहें।
मानसरोवर बांध के जलस्तर में वृद्धि से सिंचाई और पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बांध में पानी का स्तर लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। जल निकासी की अतिरिक्त व्यवस्था और अलर्ट सिस्टम चालू हैं, ताकि किसी अप्रिय स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक बाहरी गतिविधियों से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसरोवर बांध जैसी जल संरचनाएँ बारिश और नदियों के उफान से प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए समय-समय पर उनकी निगरानी और रखरखाव आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और पानी के बढ़ते स्तर के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
इस बारिश और बांध के छलकने की घटना ने सिरोही जिले के प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि जलस्तर बढ़ने से किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए बचाव दल, राहत सामग्री और अलर्ट सिस्टम पूरी तरह तैयार हैं।
इस प्रकार, सिरोही जिले में मानसरोवर बांध का छलकना और नदियों-नालों का उफान क्षेत्र में जनजीवन और जल संसाधनों पर असर डाल रहा है। प्रशासन और नागरिकों की सतर्कता से संभावित जोखिम कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
