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सीकर में बारिश थमी तो बढ़ी उमस, रात के तापमान में भी इजाफा; 15 अगस्त तक बारिश के आसार

 
सीकर में बारिश थमी तो बढ़ी उमस, रात के तापमान में भी इजाफा; 15 अगस्त तक बारिश के आसार

सीकर में पिछले कुछ समय से बारिश नहीं होने के कारण मौसम में उमस बढ़ गई है। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को अब मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान से राहत की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अगस्त तक सीकर और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी बनी हुई है, जिसके कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दिन में धूप निकलने के बाद गर्मी का असर बढ़ जाता है, जबकि शाम के समय भी मौसम पूरी तरह राहत देने वाला नहीं है। रात का तापमान बढ़ने से लोगों को रात में भी गर्मी और उमस महसूस हो रही है।

बारिश थमने से बढ़ी परेशानी

सीकर जिले में मानसून के दौरान बारिश होने से तापमान में गिरावट आती है और मौसम सुहावना हो जाता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण उमस बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

किसानों के लिए भी आने वाले दिनों में बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त नमी जरूरी है। ऐसे में 15 अगस्त तक संभावित बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

रात के तापमान में बढ़ोतरी

बारिश नहीं होने का असर रात के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। रात में तापमान बढ़ने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में नमी और गर्म हवाओं के कारण रात के समय भी वातावरण भारी महसूस हो रहा है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश होने के बाद तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और उमस से भी राहत मिलने की संभावना है।

15 अगस्त तक बारिश की उम्मीद

मौसम विभाग ने सीकर सहित राजस्थान के कई हिस्सों में आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताई है। 15 अगस्त तक बारिश होने के आसार हैं। हालांकि बारिश की तीव्रता और इसका क्षेत्र अलग-अलग रह सकता है।

यदि सीकर में अच्छी बारिश होती है तो इससे तापमान में कमी आने के साथ लोगों को उमस से भी राहत मिल सकती है। वहीं, खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से खरीफ फसलों को भी फायदा होगा।

फिलहाल सीकर के लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम में बदलाव और मानसून की सक्रियता ही यह तय करेगी कि अगले कुछ दिनों में जिले में कितनी बारिश होती है।