सीकर में अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर मशाल जुलूस, शहर में दिखा उत्साह
सीकर में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर शहर में एक दिन पहले ही विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सोमवार शाम को अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर शहर में भव्य मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
यह मशाल जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य बाजारों और प्रमुख चौराहों से गुजरा। जुलूस के दौरान लोगों के हाथों में जलती मशालें, बाबा साहेब के संदेशों वाले बैनर और झंडे दिखाई दिए। पूरे आयोजन में “जय भीम” के नारों से माहौल गूंज उठा और शहर का वातावरण पूरी तरह से उत्सवमय हो गया।
जुलूस में शामिल युवाओं और समाजबंधुओं ने डॉ. अंबेडकर के विचारों, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। कई स्थानों पर लोगों ने रुककर बाबा साहेब की प्रतिमा और चित्रों पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
आयोजकों के अनुसार, मशाल जुलूस का उद्देश्य समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के संदेश को आगे बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जिस तरह से वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से जुलूस के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल विभिन्न स्थानों पर तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन का स्वागत किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता और जागरूकता को मजबूत करते हैं। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो पूरे जोश के साथ जुलूस में शामिल हुए।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और आयोजकों ने प्रशासन एवं नागरिकों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
