दोस्ती के लिए रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा था फौजी, हैंडलर ने सरकारी गाड़ी में छिपाए थे हाईटेक हथियार
राजस्थान में रोहित गोदारा गैंग से जुड़े एक मामले की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, एक फौजी कथित तौर पर दोस्ती के चलते गैंग के संपर्क में आया था। जांच में यह भी सामने आया कि गैंग के हैंडलर ने सरकारी गाड़ी में हाईटेक हथियार छिपाकर रखे थे। मामले में एक अन्य आरोपी के बारे में बताया गया है कि वह पहले मर्चेंट नेवी में नौकरी कर चुका था।
पुलिस जांच के मुताबिक, फौजी की गैंग से नजदीकी किसी बड़ी आपराधिक योजना के बजाय दोस्ती के जरिए शुरू हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे उसका संपर्क गैंग से जुड़े लोगों से बढ़ता गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फौजी की भूमिका किस स्तर तक थी और गैंग के सदस्यों के साथ उसका संपर्क कब से था।
सरकारी गाड़ी में रखे थे हथियार
जांच में पुलिस को सरकारी वाहन के इस्तेमाल से जुड़ी अहम जानकारी मिली है। आरोप है कि गैंग के हैंडलर ने सरकारी गाड़ी में हाईटेक हथियार छिपाकर रखे थे। पुलिस अब हथियारों के स्रोत, उन्हें वाहन तक पहुंचाने वाले लोगों और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
सरकारी वाहन में हथियार रखे जाने की जानकारी सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और हथियारों को कहां ले जाने की तैयारी थी।
मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर गैंग से जुड़ा दोस्त
मामले में सामने आए एक अन्य आरोपी को लेकर जांच में पता चला है कि वह पहले मर्चेंट नेवी में नौकरी कर चुका था। बाद में उसने यह नौकरी छोड़ दी और गैंग से जुड़ गया। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क, संपर्कों और गैंग के अन्य सदस्यों के साथ संबंधों की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गैंग के नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार कहां से आए, उन्हें किसे सौंपा जाना था और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
