Khatu Shyam जी के भक्तों के लिए सरकार ने खोला खजाना, इस काम पर खर्च होंगे 48 करोड़

सीकर न्यूज़ डेस्क, राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में फाल्गुनी लक्खी मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। 28 फरवरी से 11 मार्च तक चलने वाले इस भव्य मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर कमेटी ने मेले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विशेष तैयारियां की हैं, जिसमें यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम शामिल हैं।
फाल्गुनी लक्खी मेले के लिए नई सड़कें और पार्किंग व्यवस्था
इस बार मेले से पहले श्रद्धालुओं को एक बड़ी सौगात मिली है। खाटूश्यामजी जाने वाले चार प्रमुख मार्गों को टू-लेन में अपग्रेड किया जा रहा है। यह सड़कें लंबे समय से खराब थीं, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती थी। इन सड़कों के चौड़ा होने से पदयात्रियों और वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। 48.32 करोड़ रुपये की लागत से इन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आसपास के 50 से अधिक गांवों की एक लाख से ज्यादा की आबादी को भी लाभ मिलेगा।
पलसाना से खाटूश्यामजी (14 किमी) – 21.94 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क का कार्य तेज गति से चल रहा है।
एनएच-52 से शाहपुरा, चौमूं पुरोहितान मार्ग – 12.75 करोड़ रुपये के बजट से इस मार्ग को भी टू-लेन में बदला जा रहा है।
मंढा से खाटूश्यामजी (10 किमी) – 10 करोड़ रुपये की लागत से यह सड़क लगभग बनकर तैयार हो चुकी है।
खाटूश्यामजी मंदिर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंढा मोड़ के पास एक बड़ी पार्किंग बनाई गई है। यहां छोटे वाहनों को रोका जाएगा, और श्रद्धालुओं को बसों के माध्यम से 52 बीघा पार्किंग स्थल तक पहुंचाया जाएगा। वहां से श्रद्धालु पैदल मंदिर तक जा सकेंगे।
इस बार नहीं मिलेगा खाटूश्यामजी VIP दर्शन का लाभ
प्रशासन ने इस बार सख्त नियम लागू किए हैं। वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे, केवल सरकारी प्रोटोकॉल के तहत आने वाले मेहमानों को ही विशेष सुविधा दी जाएगी। इससे आम श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के बाबा श्याम के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
खाटूश्यामजी मेले का बढ़ता आकर्षण
हर साल फाल्गुन मास में आयोजित होने वाला लक्खी मेला लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस बार मेले की अवधि को 12 दिन तक बढ़ा दिया गया है, जिससे श्रद्धालु सुविधाजनक तरीके से बाबा श्याम के दर्शन कर सकें। मेले के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और हेल्प डेस्क की भी व्यवस्था की गई है। खाटूश्यामजी का यह मेला न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि राजस्थान की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक है।