सरकार बदली लेकिन नकल नहीं रुकी, BJP और Congress का अपना-अपना राग

सीकर न्यूज़ डेस्क , प्रदेश की सियासत से लेकर बेरोजगारों में पेपरलीक और नकल का खेल बड़ा मुद्दा है। विधानसभा चुनाव में पेपरलीक को लेकर कांग्रेस को घेरने वाली भाजपा सरकार के एक साल के राज में तीन परीक्षाओं में नकल के मामले सामने आए हैं। सख्त कानून और एसओजी के लगातार कार्रवाई करने के बाद भी पेपरलीक होने के मामले में सरकार लगातार मंथन में जुटी है। हालांकि एक साल में जिन भी परीक्षाओं के पेपरलीक हुए, उसमें शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। डीएलएड, नर्सिंग व एग्री ट्रेनी परीक्षाओं में नकल के खेल को अब कांग्रेस की ओर से मुद्दा बनाया जा रहा है। इधर, भाजपा का दावा है कि पिछले एक साल में नकल माफिया के खिलाफ सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है। पिछली सरकार के समय दस से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपरलीक होने से 40 लाख बेरोजगारों को दर्द मिला था।
पेपर आउट से नुकसान
प्रश्न पत्र आउट होने की वजह से युवाओं को नौकरी का सपना दूर हो गया। रीट 2021 का प्रश्न पत्र आउट होने की वजह से हजारों बेरोजगारों को लगभग दो साल बाद नौकरी मिली। प्रश्न पत्र आऊट होने की वजह से कई युवाओं पर ओवरएज की तलवार भी लटक जाती है।
100 से ज्यादा एफआइआर, 260 गिरफ्तारी
भाजपा की ओर से पिछले एक साल से पेपरलीक के मामले में हुई कार्रवाई के जरिये कांग्रेस को लगातार घेरा जा रहा है। पिछली सरकार के राज में लीक हुए एसआइ, वरिष्ठ अध्यापक, शारीरिक शिक्षक, रीट, हाईकोर्ट एलडीसी सहित अन्य परीक्षाओं के मामले में अब तक 100 से ज्यादा एफआइआर दर्ज हो चुकी है। वहीं 260 से ज्यादा गिरफ्तारी भी हुई है।
इन परीक्षाओं के पेपरलीक की चर्चा
नर्सिंग परीक्षा : पिछले 1 दिनों नर्सिंग परीक्षाओं का पेपरलीक होने का मामला सामने आया। परीक्षा से पहले पेपर बाहर आने के साथ सैकड़ों नर्सिंग विद्यार्थियों तक भी पहुंचा था। ऐसे में परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा भी कर दिया था।
डीएलएड परीक्षा : डीएलएड द्वितीय वर्ष की अंग्रेजी विषय का पर्चा लीक हो गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग को परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्न पत्र से मूल पेपर का पूरा मिलान हुआ था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने संशोधित कैलेंडर के जरिये यह परीक्षा कराई थी।
एग्री ट्रेनी : नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन की एग्री टेनी परीक्षा में नकल का मामला सामने आ चुका है। पुलिस ने मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन्होंने ऑनलाइन ऐप के जरिये नकल का जाल बिछाया था।
युवाओं से जो वादा किया था वह पूरा
मुख्यमंत्री भजनलाल ने युवाओं से जो वादा किया था वह पूरा किया है। कॉलेज की परीक्षाओं में नकल की जो कोशिश हुई उसके भी आरोपियों को सरकार ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कराने काम किया है। पेपर माफिया पर चोट करते हुए सरकार ने 260 आरोपियों की गिरफ्तारी कराई है। –लक्ष्मीकांत भारद्वाज, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
भाजपा सरकार पूरी तरह फेल
नकल माफिया पर काबू पाने में भाजपा सरकार पूरी तरह फेल रही है। विधानसभा चुनाव में सरकार ने पेपर लीक को टूल बनाकर सत्ता हासिल कर ली। अब सरकार की कमजोर पैरवी की वजह से लगातार आरोपी छूटते जा रहे हैं।