सीकर में तनिष्क ज्वेलरी शोरूम फायरिंग मामला: 9 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, 14 टीमें आरोपियों की तलाश में जुटीं
राजस्थान के सीकर शहर में तनिष्क ज्वेलरी शोरूम पर हुई फायरिंग की घटना को 9 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वारदात के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच के लिए पुलिस की 14 टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
घटना के बाद शहर में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से जांच तेज कर रखी है।
ज्वेलरी शोरूम के बाहर हुई थी फायरिंग
जानकारी के अनुसार, सीकर शहर में तनिष्क ज्वेलरी शोरूम पर बदमाशों ने फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास शुरू किए। इसके अलावा संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
14 पुलिस टीमें कर रही हैं तलाश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
टीमें सीकर के अलावा अन्य जिलों में भी आरोपियों की तलाश कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच पर फोकस
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट अहम भूमिका निभा रहे हैं। घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके।
इसके अलावा पुलिस अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।
व्यापारियों में चिंता का माहौल
तनिष्क शोरूम पर हुई फायरिंग की घटना के बाद शहर के व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों ने पुलिस से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने और शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही मामले में सफलता मिलने की उम्मीद है। वहीं, 9 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं।
