सीकर के युवक के खाते में आए साइबर ठगी के 9.10 लाख रुपये, कर्नाटक में शिकायत दर्ज; पुलिस जांच में जुटी
राजस्थान के सीकर जिले से साइबर फ्रॉड से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक के बैंक अकाउंट में साइबर ठगी के 9.10 लाख रुपये ट्रांसफर होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले किसी व्यक्ति को रुपए डबल करने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया गया और बाद में उससे बड़ी रकम युवक के खाते में ट्रांसफर करवाई गई। मामले की शिकायत कर्नाटक में दर्ज होने के बाद अब सीकर पुलिस भी जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने एक पीड़ित को निवेश या रुपए डबल करने का झांसा दिया था। लालच में आकर पीड़ित ने बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। जांच में सामने आया कि यह बैंक अकाउंट सीकर जिले के एक युवक के नाम पर है, जिसमें करीब 9 लाख 10 हजार रुपये जमा हुए।
जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने कर्नाटक में साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर बैंक अकाउंट की जांच शुरू हुई, जिसके बाद मामला सीकर तक पहुंचा। अब स्थानीय पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह खुद इस गिरोह का हिस्सा है या उसका बैंक खाता किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर लोगों को मोटे मुनाफे, ऑनलाइन निवेश और रुपए डबल करने जैसी स्कीमों का लालच देकर फंसाते हैं। कई मामलों में वे दूसरे लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर या कमीशन का लालच देकर इस्तेमाल करते हैं ताकि असली आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवक के खाते में पहले भी संदिग्ध लेनदेन हुए थे या नहीं। यदि जांच में उसकी संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। वे सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर जाल में फंसाते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने की अनुमति न दें और निवेश या पैसे डबल करने के झांसे में न आएं। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।
फिलहाल सीकर का यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क की एक और बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है। पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
