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सीकर नगर परिषद चुनाव: 64 वार्डों के 262 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद, बढ़े मतदान से कांग्रेस को बढ़त के संकेत

 
सीकर नगर परिषद चुनाव: 64 वार्डों के 262 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद, बढ़े मतदान से कांग्रेस को बढ़त के संकेत

नगर परिषद चुनाव में मतदान समाप्त होने के साथ ही 64 वार्डों के 262 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। इस बार सीकर में वर्ष 2019 के मुकाबले 1.13 प्रतिशत ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है। मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

चुनाव के बाद सियासी समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि अधिक मतदान का फायदा किस दल को मिलेगा, यह मतदाताओं के रुझान और वार्डवार समीकरणों पर निर्भर करेगा। हालांकि, शुरुआती राजनीतिक आकलनों में बढ़े हुए मतदान को कांग्रेस के पक्ष में जाने की संभावना जताई जा रही है।

बढ़े मतदान ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

सीकर नगर परिषद के 64 वार्डों में हुए मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। लेकिन मतदान प्रतिशत में हुई बढ़ोतरी ने प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

आमतौर पर चुनावों में ज्यादा मतदान को सत्ता विरोधी रुझान से जोड़कर देखा जाता है, हालांकि कई बार इसका फायदा सत्ताधारी दल को भी मिलता है। ऐसे में असली तस्वीर परिणाम आने के बाद ही साफ होगी।

262 प्रत्याशियों की परीक्षा

सीकर नगर परिषद चुनाव में कुल 262 प्रत्याशी मैदान में थे। सभी प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य अब ईवीएम में बंद है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

वार्ड स्तर पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी मुकाबले को रोचक बनाया है। कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों की मजबूत मौजूदगी के कारण मुख्य दलों के समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।

बोर्ड गठन को लेकर शुरू हुई जोड़-तोड़

मतदान खत्म होने के बाद अब राजनीतिक दलों ने बोर्ड गठन की संभावनाओं को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने समर्थित प्रत्याशियों के संपर्क में हैं और परिणामों के बाद बनने वाली स्थिति को लेकर तैयारियां कर रहे हैं।

अब नतीजों का इंतजार

सीकर नगर परिषद चुनाव के परिणाम ही तय करेंगे कि शहर की सत्ता किस दल के हाथों में जाएगी। फिलहाल प्रत्याशी और समर्थक जीत-हार के आंकलन में जुटे हैं। बढ़ा हुआ मतदान कांग्रेस के लिए उम्मीद की किरण माना जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला ईवीएम खुलने के बाद ही सामने आएगा।