गोदारा गैंग से जुड़े फाइनेंसर का खुलासा, डेढ़ साल से गैंगस्टर राहुल रिनाउ के संपर्क में था शिव गौतम
विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे गोदारा गैंग से जुड़े एक बड़े खुलासे में सामने आया है कि फाइनेंसर शिव गौतम पिछले करीब डेढ़ साल से गैंगस्टर राहुल रिनाउ के संपर्क में था। जांच एजेंसियों की पूछताछ में यह अहम जानकारी सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि शिव गौतम और राहुल रिनाउ के बीच बातचीत के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया जाता था। यह ऐप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सुविधा प्रदान करता है, जिसके कारण बातचीत को ट्रैक करना अपेक्षाकृत मुश्किल माना जाता है।
सिग्नल ऐप के जरिए होती थी बातचीत
जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच नियमित रूप से संपर्क बना हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बातचीत का उद्देश्य क्या था और इसके माध्यम से किन गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है।
वित्तीय लेन-देन की जांच
जांच एजेंसियां शिव गौतम के वित्तीय रिकॉर्ड और बैंकिंग लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि गैंग की गतिविधियों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया गया हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
गैंग के नेटवर्क की तलाश
पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां गोदारा गैंग के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे गैंग के आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
जांच जारी
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि संगठित अपराधी गिरोह आधुनिक तकनीक और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का उपयोग कर अपने नेटवर्क को संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर जांच एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।
