सीकर में सरकारी स्कूलों में कथित तौर पर RSS की किताबों से परीक्षा कराने का विरोध, SFI कार्यकर्ताओं और स्टाफ में विवाद
सीकर में शनिवार को सरकारी स्कूलों में कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS से जुड़ी किताबों के आधार पर प्रतियोगी परीक्षा कराए जाने को लेकर विवाद सामने आया। छात्र संगठन SFI के कार्यकर्ताओं ने कई सरकारी स्कूलों में पहुंचकर इसका विरोध किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर SFI कार्यकर्ताओं और स्कूल स्टाफ के बीच आमना-सामना हो गया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से समझाइश कर मामला शांत कराया।
सरकारी स्कूलों में पहुंचकर किया विरोध
SFI कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकारी स्कूलों में ऐसी प्रतियोगी परीक्षाएं कराई जा रही हैं, जिनमें कथित तौर पर RSS से जुड़ी पुस्तकों या सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। संगठन ने इसे लेकर आपत्ति जताई और स्कूल प्रशासन के सामने विरोध दर्ज कराया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। उनका आरोप है कि किसी विशेष संगठन की विचारधारा से जुड़ी सामग्री को सरकारी स्कूलों में परीक्षा के आधार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
स्कूल स्टाफ और SFI कार्यकर्ता आमने-सामने
विरोध के दौरान SFI कार्यकर्ताओं और स्कूल स्टाफ के बीच बहस हो गई। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। स्कूल परिसर में विवाद की स्थिति बनने के बाद मौके पर पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने समझाइश करते हुए विवाद को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की।
SFI ने उठाए सवाल
SFI कार्यकर्ताओं ने परीक्षा के आयोजन और उसमें इस्तेमाल की जा रही कथित अध्ययन सामग्री को लेकर सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निष्पक्ष एवं निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल होना चाहिए।
SFI ने इस मामले में संबंधित शिक्षा अधिकारियों से भी जवाब मांगने की बात कही है। संगठन का कहना है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों को किसी भी राजनीतिक या वैचारिक प्रभाव से अलग रखा जाना चाहिए।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका
विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति शांत हुई। फिलहाल मामले में किसी बड़े टकराव की सूचना नहीं है।
वहीं, प्रतियोगी परीक्षा के लिए इस्तेमाल की गई किताबों और अध्ययन सामग्री को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले में शिक्षा विभाग या संबंधित प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
सीकर में सामने आया यह विवाद सरकारी स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और अध्ययन सामग्री को लेकर बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर छात्र संगठन और शिक्षा विभाग के बीच और बातचीत होने की संभावना है।
