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सीकर में अगले 2 दिन बारिश का अलर्ट, न्यूनतम तापमान 6 डिग्री गिरा; रात में बढ़ी ठंड, जानें इस सप्ताह कैसा रहेगा मौसम

 
सीकर में अगले 2 दिन बारिश का अलर्ट, न्यूनतम तापमान 6 डिग्री गिरा; रात में बढ़ी ठंड, जानें इस सप्ताह कैसा रहेगा मौसम

राजस्थान के सीकर जिले में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। दिन में जहां धूप के कारण गर्मी का एहसास हो रहा है, वहीं रात के तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ने लगी है। जिले में पिछले छह दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।

छह दिन में 6 डिग्री से ज्यादा गिरा तापमान

सीकर में रात के तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। 23 अक्टूबर को जिले का न्यूनतम तापमान 17.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 28 अक्टूबर को घटकर 10.8 डिग्री सेल्सियस रह गया। इस बदलाव के बाद रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है।

इससे पहले मंगलवार को सीकर में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण लोगों को सुबह-शाम ठंडक महसूस हो रही है।

29 और 30 अक्टूबर को बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, सीकर में 29 और 30 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आसमान में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में किसानों, वाहन चालकों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

इस सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?

सीकर में 28 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। 29 और 30 अक्टूबर को बारिश और बादलों के कारण मौसम में बदलाव हो सकता है। इसके बाद 31 अक्टूबर से आसमान साफ होने और मौसम फिर शुष्क रहने की संभावना है। एक नवंबर से प्रदेश के इस हिस्से में मौसम दोबारा सामान्य होने का अनुमान जताया गया है।

करवा चौथ पर चांद दिखने को लेकर रहेगी नजर

29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत भी रखा जाएगा। सीकर में बारिश और बादल छाने की संभावना के कारण व्रत रखने वाली महिलाओं की नजर शाम के मौसम पर रहेगी। हालांकि, बारिश का पूर्वानुमान होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे जिले में चांद दिखाई नहीं देगा। बादलों की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर होर्डिंग से दूरी बनाए रखें। गरज-चमक के समय खुले मैदान में रुकने से बचें। किसानों को भी मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।