खाटूश्यामजी में फाल्गुन लक्खी मेले की तैयारियां शुरू, विभागों ने संभाला मोर्चा
सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में फाल्गुन लक्खी मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल फाल्गुन मास में आयोजित होने वाले इस मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए श्रीश्याम मंदिर कमेटी के साथ-साथ प्रशासन और सभी संबंधित सरकारी विभाग व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विभागों के बीच समन्वय बनाकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
इसी क्रम में बिजली विभाग ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और मेले के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत न आए, इसके लिए मेंटेनेंस का काम किया जा रहा है। बिजली विभाग की ओर से बताया गया है कि शुक्रवार से रोजाना करीब 4 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी, ताकि लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और अन्य उपकरणों की मरम्मत और जांच का कार्य पूरा किया जा सके।
बिजली विभाग का कहना है कि यह अस्थायी कटौती पूरी तरह मेंटेनेंस के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे मेले के दौरान निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि यह असुविधा कुछ समय के लिए है, लेकिन इससे मेले के दौरान बड़ी समस्याओं से बचा जा सकेगा।
श्रीश्याम मंदिर कमेटी भी मेले की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकों का आयोजन कर रही है। मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है।
फाल्गुन लक्खी मेला खाटूश्यामजी का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु पैदल यात्रा, निशान यात्रा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ बाबा श्याम के दर्शन करते हैं। ऐसे में प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम दर्शन मिल सकें।
स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों ने भी मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनका कहना है कि फाल्गुन मेले के दौरान खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
