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जीण माता मंदिर में नवरात्रि मेले की तैयारियां पूरी, 800 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था

 
जीण माता मंदिर में नवरात्रि मेले की तैयारियां पूरी, 800 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था

राजस्थान के सीकर जिले स्थित प्रसिद्ध जीण माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 19 मार्च से शुरू हो रहे इस मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 800 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

जानकारी के अनुसार, 19 मार्च को सुबह 8:15 बजे घट स्थापना के साथ मेले की विधिवत शुरुआत होगी। शुरुआती दिनों में मंदिर में दर्शन का समय सुबह 4:30 बजे से रात 10 बजे तक रहेगा, जबकि पंचमी से दशमी तक श्रद्धालुओं के लिए मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा।

मेले में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था की है। मंदिर तक आने वाले प्रमुख रास्तों—रैवासा, दांता, कोछोर और हर्ष मार्ग—पर निशुल्क पार्किंग की सुविधा दी गई है। साथ ही यह व्यवस्था की गई है कि जिस रास्ते से वाहन आएंगे, उसी रास्ते से उनकी निकासी भी होगी, जिससे जाम की स्थिति न बने।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा चोरी, चेन स्नेचिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी। मानव तस्करी और भिक्षावृत्ति जैसी गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार मेले में देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे और मंदिर को विशेष रूप से फूलों से सजाया जाएगा। सूरत, कन्नौज और दिल्ली से फूल मंगवाए जा रहे हैं, जिससे माता का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

मेले के दौरान धार्मिक नियमों का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा। पशुबलि और मदिरा पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा, ताकि धार्मिक माहौल बना रहे। करीब एक हजार साल पुराने इस शक्तिपीठ में हर साल नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे यह मेला क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है।

फिलहाल प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।