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सीकर में मनरेगा कार्यों में लापरवाही उजागर, 40% पौधे सूखे, जांच के आदेश

 
सीकर में मनरेगा कार्यों में लापरवाही उजागर, 40% पौधे सूखे, जांच के आदेश

जिले की पलसाना पंचायत समिति के अंतर्गत मंडा ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पंचायत परिसर में तैयार की जा रही पौधशाला (नर्सरी) में निगरानी के अभाव के चलते करीब 40 प्रतिशत पौधे सूख गए, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, मनरेगा के तहत पंचायत में पौधरोपण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से नर्सरी तैयार की जा रही थी। लेकिन समय पर देखभाल और उचित मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पौधे सूख गए। इससे न केवल योजना के उद्देश्य को नुकसान पहुंचा है, बल्कि सरकारी संसाधनों की बर्बादी भी सामने आई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला परिषद सीकर के मनरेगा अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है।

प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि नर्सरी की नियमित देखरेख नहीं की गई, जिससे पौधों को पर्याप्त पानी और संरक्षण नहीं मिल सका। इसके चलते बड़ी संख्या में पौधे खराब हो गए।

स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान दिया जाता, तो पौधों को बचाया जा सकता था।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।