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5 महीने बाद सीकर पहुंचे मंत्री संजय शर्मा, कलेक्टर से विवाद के बाद पहली बार सरकारी कार्यक्रम में दिखे

 
5 महीने बाद सीकर पहुंचे मंत्री संजय शर्मा, कलेक्टर से विवाद के बाद पहली बार सरकारी कार्यक्रम में दिखे

राजस्थान के वन मंत्री और सीकर जिले के प्रभारी मंत्री संजय शर्मा करीब पांच महीने बाद जिला मुख्यालय पर आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे। मंत्री की 23 दिसंबर 2025 को नगर परिषद में तत्कालीन कलेक्टर मुकुल शर्मा के साथ हुई तीखी झड़प के बाद यह उनका पहला आधिकारिक दौरा माना जा रहा है। उनके दौरे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा रही।

जानकारी के मुताबिक, मंत्री संजय शर्मा सीकर में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

गौरतलब है कि पिछले साल 23 दिसंबर को नगर परिषद में आयोजित एक बैठक के दौरान मंत्री संजय शर्मा और तत्कालीन कलेक्टर मुकुल शर्मा के बीच तीखी बहस हो गई थी। उस घटना का वीडियो और चर्चा लंबे समय तक राजनीतिक गलियारों में बनी रही। विवाद के बाद मंत्री लंबे समय तक जिला मुख्यालय के सरकारी कार्यक्रमों से दूर रहे थे।

अब करीब पांच महीने बाद उनकी वापसी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विकास कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बजट घोषणाओं को धरातल पर तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।

सूत्रों के अनुसार, मंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने भी विशेष तैयारियां की थीं। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी मंत्री का स्वागत किया।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संजय शर्मा का यह दौरा केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। पिछले विवाद के बाद उनके जिला मुख्यालय से दूरी बनाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं। ऐसे में उनका दोबारा सक्रिय रूप से सरकारी कार्यक्रम में शामिल होना महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

उधर विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष का कहना है कि मंत्री और अधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर होना चाहिए ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी मुद्दों को संवाद के जरिए सुलझाया जा रहा है।

फिलहाल मंत्री संजय शर्मा का पांच महीने बाद सीकर पहुंचना जिले की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।