फाल्गुनी लक्खी मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी, खाटूश्यामजी-जयपुर प्राइवेट बस सेवा बंद
खाटू श्याम जी मंदिर में चल रहे फाल्गुनी लक्खी मेले के बीच श्याम भक्तों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। श्री श्याम खाटू‑जयपुर बस ऑपरेटर सेवा समिति ने खाटूश्यामजी से जयपुर के लिए चलने वाली प्राइवेट बसों का संचालन बंद करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद मेले में आने-जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बस ऑपरेटर यूनियन ने मेला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर 23 फरवरी से 28 फरवरी तक बसों का संचालन बंद रखने की जानकारी दी है। समिति का कहना है कि प्रशासन की ओर से उचित व्यवस्था और सहयोग नहीं मिलने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। बस संचालकों के अनुसार, मेले के दौरान यातायात व्यवस्था और संचालन से जुड़े कई मुद्दों का समाधान नहीं होने से उन्हें परेशानी हो रही है।
फाल्गुनी लक्खी मेला बाबा श्याम का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन होता है, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्राइवेट बस सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा असर जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले भक्तों पर पड़ा है। कई श्रद्धालु बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करते नजर आए, जबकि कुछ को मजबूरी में निजी वाहनों या महंगे किराए पर अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा।
श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले के समय बस सेवा बंद होना उनके लिए बड़ी परेशानी है। दूर-दराज से आने वाले भक्तों को पहले ही लंबी यात्रा करनी पड़ती है, ऐसे में बसों का संचालन बंद होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस स्थिति से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
बस ऑपरेटरों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें बसों का संचालन रोकना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रह सकता है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और बस ऑपरेटरों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवागमन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
गौरतलब है कि फाल्गुनी लक्खी मेले के दौरान हर दिन लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूश्यामजी पहुंचते हैं। इस दौरान परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में प्राइवेट बस सेवा बंद होने से मेले की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ रहा है।
