गर्लफ्रेंड का तो पता नहीं, लेकिन अगर इन्हें एक गुलाब दे दिया तो आपका होगा मनचाहा काम

सीकर न्यूज़ डेस्क, राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन हजारों भक्त बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं। हाल ही में मंदिर में एक नई परंपरा देखने को मिल रही है—भक्त बाबा श्याम को गुलाब का फूल भेंट कर अपने प्रेम और श्रद्धा को प्रकट कर रहे हैं।
भक्तों के बीच बढ़ता गुलाब चढ़ाने का ट्रेंड
खाटू श्याम जी के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं में गुलाब चढ़ाने का चलन तेज़ी से बढ़ा है। भक्तों का मानना है कि गुलाब प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक होता है, और बाबा श्याम के प्रति अपनी भक्ति प्रकट करने के लिए गुलाब अर्पित करना शुभ होता है। श्रद्धालुओं के अनुसार, मंदिर परिसर में गुलाब की सुगंध और उसका सौंदर्य बाबा श्याम के दरबार को और अधिक पावन बना देता है। यही कारण है कि दूर-दूर से आने वाले भक्त गुलाब के फूल लेकर मंदिर पहुंचते हैं और बाबा के चरणों में अर्पित करते हैं।
श्रृंगार आरती में गुलाब का महत्व
बाबा श्याम के श्रृंगार आरती के दौरान विशेष प्रकार के सुगंधित फूलों का उपयोग किया जाता है। पुजारियों द्वारा बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाता है, जिसमें कोलकाता से मंगाए गए विशेष गुलाब का उपयोग किया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में भी गुलाब के फूलों की महक बनी रहती है, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक सुख की अनुभूति होती है।
मंदिर प्रशासन की चिंता
हालांकि, गुलाब अर्पित करने के इस नए ट्रेंड से श्याम मंदिर कमेटी चिंतित भी है। भक्तों की भारी भीड़ के कारण मंदिर प्रशासन को फूलों की अधिकता से निपटने में कठिनाई हो रही है। भक्त 14 लाइनों में लगकर बाबा के दर्शन करते हैं, लेकिन हर कोई गर्भगृह तक गुलाब पहुंचाना चाहता है, जिससे भीड़ नियंत्रण की समस्या उत्पन्न हो रही है।
गुलाब अर्पण: आस्था और प्रेम का संगम
गुलाब चढ़ाने की यह परंपरा बाबा श्याम के प्रति भक्तों की अटूट आस्था को दर्शाती है। हालांकि, मंदिर प्रशासन को इससे जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन भक्तों का मानना है कि गुलाब अर्पित करने से बाबा श्याम प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा भक्तों पर बनी रहती है।