सीकर में रिंग रोड निर्माण को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना, प्रशासन पर भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी का आरोप
सीकर जिले में नवलगढ़ रोड से फतेहपुर रोड को जोड़ने वाली प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण को लेकर स्थानीय किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने पूर्व निर्धारित जगह की बजाय अन्य स्थान से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे उनकी उपजाऊ जमीन और जीवनयापन प्रभावित हो रहा है।
किसानों ने कहा कि रिंग रोड का निर्माण आवश्यक है, लेकिन इसके लिए उनकी जमीन का चयन बिना उनकी सहमति और उचित जानकारी के किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता और सही प्रक्रिया अपनाकर भूमि अधिग्रहण नहीं करता, धरना जारी रहेगा।
धरने के कारण इलाके में काफी हलचल है। किसान न केवल अपनी जमीन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, बल्कि वे परियोजना की पारदर्शिता और उचित मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी जमीन से अनुचित तरीके से अधिग्रहण किया गया, तो यह उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा।
प्रशासन ने फिलहाल किसानों से बातचीत करने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि वे किसानों की समस्याओं को सुनने और समाधान निकालने के लिए तैयार हैं। वहीं, स्थानीय नेताओं का भी कहना है कि परियोजना को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए किसानों की भागीदारी और सहमति जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स में भूमि अधिग्रहण के दौरान पारदर्शिता और किसानों से संवाद की कमी अक्सर विरोध और धरनों का कारण बनती है। सीकर में भी रिंग रोड निर्माण परियोजना की सफलता के लिए प्रशासन को किसानों की चिंताओं का समाधान करना अनिवार्य है।
धरना स्थल पर किसान समूह ने कहा कि उनकी मांगों को अनदेखा करना परियोजना की समयसीमा को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए उचित प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि विकास और किसानों के अधिकार दोनों सुरक्षित रह सकें।
