डोटासरा का केंद्र सरकार पर निशाना, पीएम के बयान पर जताई आपत्ति, महिला आरक्षण पर भी उठाए सवाल
राजस्थान के सीकर जिले के सांगलिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया भावुक बयान को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे समय में देश को मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है।
डोटासरा ने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री सार्वजनिक रूप से भावुक नजर आता है, तो यह देशवासियों के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के गंभीर मुद्दों के दौरान भी ऐसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में प्रधानमंत्री के आंसू बहाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब वे सांगलिया में कोजाराम सेवदा द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भूमिदान कर बनाए गए पशु चिकित्सा उपकेंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस दौरान डोटासरा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह बिल वर्ष 2022-23 में ही संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में पारित हो चुका था और राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी थी। इसके बावजूद लंबे समय तक इसका गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने तीन साल तक इस मुद्दे को लंबित रखा और अब 15 अप्रैल 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। डोटासरा के अनुसार, यह देरी महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने के समान है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समयबद्ध तरीके से लागू करना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर स्पष्ट नीति और पारदर्शिता अपनाने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान डोटासरा ने स्थानीय विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है और इसके लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
फिलहाल, डोटासरा के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और आने वाले समय में इस पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
