सीकर में पंचायती राज चुनाव की तारीखों में बदलाव, दूसरे-तीसरे चरण का शेड्यूल बदला; चौथे चरण में कोई बदलाव नहीं
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। करवा चौथ और धनतेरस जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम में संशोधन किया है। सीकर जिले में पंचायत चुनाव दूसरे, तीसरे और चौथे चरण में होने हैं। इनमें दूसरे और तीसरे चरण से जुड़ी चुनावी प्रक्रिया की तारीखों में बदलाव किया गया है, जबकि चौथे चरण के कार्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
त्योहारों को देखते हुए बदला चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य त्योहारों के दौरान मतदाताओं और चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को होने वाली संभावित परेशानी को कम करना है। खासतौर पर धनतेरस के दिन चुनावी गतिविधियों को लेकर लोगों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण के कार्यक्रम में संशोधन किया है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार तीसरे चरण में पंच और सरपंच पद के लिए मतदान अब 5 नवंबर को होगा, जबकि 6 नवंबर को उप सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। इस बदलाव के चलते धनतेरस के दिन पंच-सरपंच के लिए मतदान नहीं होगा।
सीकर में दूसरे और तीसरे चरण पर असर
सीकर जिले में पंचायत चुनाव दूसरे, तीसरे और चौथे चरण में कराए जाने हैं। ऐसे में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। प्रत्याशियों, चुनाव अधिकारियों और मतदान दलों को अब नई तारीखों के हिसाब से अपनी तैयारी करनी होगी।
दूसरे चरण में शामिल क्षेत्रों के लिए भी चुनावी प्रक्रिया की तारीखों में संशोधन किया गया है। मतदान दलों की रवानगी और अन्य प्रक्रियाओं को एक दिन पहले करने की व्यवस्था की गई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में चुनाव प्रचार और प्रशासनिक तैयारियों का कार्यक्रम भी प्रभावित होगा।
चौथे चरण की तारीख में कोई बदलाव नहीं
सीकर जिले में चौथे चरण के चुनाव को लेकर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी चौथे चरण के लिए पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही चुनावी प्रक्रिया पूरी होगी। ऐसे में चौथे चरण में आने वाली ग्राम पंचायतों के प्रत्याशी और प्रशासन अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां जारी रखेंगे।
मतदान के साथ नतीजों पर भी नजर
पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई जाती है। चुनाव कार्यक्रम में बदलाव के बाद संबंधित क्षेत्रों में प्रत्याशियों और मतदाताओं को नई तारीखों पर विशेष ध्यान देना होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि संशोधन का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को लेकर होने वाली असुविधा को कम करना है। चुनाव से जुड़े अधिकारी और प्रशासन अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
