Aapka Rajasthan

सीकर में RTO चालान के नाम पर साइबर ठगी, APK फाइल पर क्लिक करते ही बुजुर्ग के खाते से उड़ाए 3.71 लाख रुपए

 
सीकर में RTO चालान के नाम पर साइबर ठगी, APK फाइल पर क्लिक करते ही बुजुर्ग के खाते से उड़ाए 3.71 लाख रुपए

राजस्थान के सीकर जिले में RTO चालान के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया। आरोपी ने चालान से संबंधित APK फाइल के जरिए बुजुर्ग के बैंक खाते में सेंध लगा दी। जैसे ही बुजुर्ग ने मोबाइल पर आई APK फाइल पर क्लिक किया, उनके बैंक खाते से 3 लाख 71 हजार रुपए निकाल लिए गए। घटना के बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का पता चला।

जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय बुजुर्ग के पास RTO चालान से संबंधित एक मैसेज आया था। मैसेज में चालान से जुड़ी जानकारी देने के नाम पर एक APK फाइल भेजी गई थी। बुजुर्ग ने मैसेज को सरकारी चालान से संबंधित समझकर उस फाइल पर क्लिक कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने तकनीक का इस्तेमाल कर उनके बैंक खाते तक पहुंच बना ली।

APK फाइल डाउनलोड करते ही खाते से निकले पैसे

बताया जा रहा है कि APK फाइल पर क्लिक करने के बाद बुजुर्ग के बैंक खाते से लेनदेन शुरू हो गया। कुछ ही समय में खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 3.71 लाख रुपए निकाल लिए गए। बैंक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने पर बुजुर्ग के होश उड़ गए। उन्होंने मामले की जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

साइबर ठग इन दिनों सरकारी विभागों और परिवहन विभाग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। वाहन चालान, ई-चालान और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। कई लोग सरकारी कार्रवाई के डर से बिना जांच किए इन फाइलों पर क्लिक कर देते हैं।

क्या होती है APK फाइल और कैसे होती है ठगी?

APK एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। साइबर अपराधी इसी तरह की फाइलों में खतरनाक सॉफ्टवेयर छिपाकर लोगों को भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसी फाइल डाउनलोड करके इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल की जानकारी और अन्य गतिविधियों पर साइबर अपराधियों की नजर हो सकती है। कुछ मामलों में इसके जरिए बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी चोरी कर खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

RTO चालान के नाम पर आने वाले मैसेज से रहें सावधान

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अनजान नंबर से आने वाले चालान संबंधी मैसेज और APK फाइलों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और न ही अनजान फाइल डाउनलोड करनी चाहिए। वाहन का वास्तविक चालान जानने के लिए परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

अगर किसी के खाते से धोखाधड़ी के जरिए पैसे निकल जाते हैं तो तुरंत बैंक को सूचना देकर खाते और संबंधित सेवाओं को सुरक्षित कराएं। इसके साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

सीकर की यह घटना मोबाइल पर आने वाले फर्जी चालान मैसेज को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताती है। एक छोटी सी लापरवाही से जीवनभर की कमाई पर साइबर ठग हाथ साफ कर सकते हैं।