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भाजपा ने बदले समीकरण, नेता के ड्राइवर समेत मिठाई कारोबारी और वकील को दिया चुनावी टिकट

 
भाजपा ने बदले समीकरण, नेता के ड्राइवर समेत मिठाई कारोबारी और वकील को दिया चुनावी टिकट

नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने टिकट वितरण में कई नए चेहरों को मौका देकर सबको चौंका दिया है। पार्टी ने इस बार संगठन से जुड़े नेताओं के साथ-साथ आम कार्यकर्ताओं और अलग-अलग पेशों से जुड़े लोगों पर भी भरोसा जताया है।

भाजपा ने पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के ड्राइवर को भी चुनाव मैदान में उतारा है। लंबे समय से पार्टी और संगठन के साथ जुड़े रहने वाले इस कार्यकर्ता को टिकट देकर भाजपा ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को सम्मान देने का संदेश दिया है। पार्टी का मानना है कि ऐसे कार्यकर्ता स्थानीय लोगों के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं और जनता की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं।

इसके अलावा भाजपा ने दो मिठाई दुकान संचालकों को भी टिकट दिया है। व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े इन उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर पार्टी ने स्थानीय कारोबारियों और आम जनता से जुड़े चेहरों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। वहीं, एक वकील को भी प्रत्याशी बनाया गया है। कानून और सामाजिक मुद्दों की समझ रखने वाले इस उम्मीदवार को लेकर पार्टी को उम्मीद है कि वे क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठा सकेंगे।

भाजपा के इस टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। पार्टी ने इस बार केवल पारंपरिक राजनीतिक चेहरों पर निर्भर रहने के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों को चुनावी मैदान में उतारा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी स्थानीय स्तर पर नए चेहरों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

वहीं, टिकट मिलने के बाद नए प्रत्याशियों ने भी चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीदवार अपने-अपने वार्डों में मतदाताओं से संपर्क करने और समर्थन जुटाने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के दौरान इन नए चेहरों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नगरीय निकाय चुनावों में स्थानीय पहचान और जनता से जुड़ाव काफी मायने रखता है। ऐसे में भाजपा ने ड्राइवर, कारोबारी और पेशेवर वर्ग से जुड़े लोगों को टिकट देकर सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास किया है। अब चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि पार्टी का यह प्रयोग कितना सफल साबित होता है।