सीकर में APK फाइल पर क्लिक करते ही खाते से उड़ गए 3.71 लाख रुपए, न OTP आया न कोई मैसेज
राजस्थान के सीकर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के बैंक खाते से 3.71 लाख रुपए निकाल लिए गए। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को न तो कोई ओटीपी मिला और न ही पैसे निकलने से पहले कोई मैसेज आया। बताया जा रहा है कि ठगी की शुरुआत आरटीओ चालान से जुड़ी APK फाइल पर क्लिक करने के बाद हुई।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित के पास आरटीओ चालान से संबंधित APK फाइल पहुंची थी। फाइल को चालान से जुड़ा समझकर उसने उस पर क्लिक कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते को निशाना बनाया और खाते से 3.71 लाख रुपए निकाल लिए। जब पीड़ित को खाते से रकम निकलने का पता चला तो वह हैरान रह गया।
न OTP आया, न ट्रांजेक्शन का मैसेज मिला
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित के अनुसार, बैंक खाते से रकम निकलने के दौरान उसे कोई ओटीपी नहीं मिला। इसके अलावा मोबाइल पर ट्रांजेक्शन से संबंधित मैसेज भी नहीं आया। आमतौर पर ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़े लेनदेन में ओटीपी या अलर्ट मैसेज की भूमिका अहम होती है, लेकिन इस मामले में पीड़ित को ऐसी कोई सूचना नहीं मिली।
पीड़ित को जब खाते से 3.71 लाख रुपए गायब होने की जानकारी मिली तो उसने साइबर ठगी का अंदेशा जताया। इसके बाद मामले की शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, शिकायत किस थाने या साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई गई और पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
APK फाइल के नाम पर हो रही साइबर ठगी
साइबर ठगी के इस तरीके में अपराधी लोगों को चालान, पार्सल, बैंक अपडेट या अन्य जरूरी सेवाओं के नाम पर APK फाइल भेजते हैं। मैसेज को आधिकारिक समझकर लोग कई बार फाइल डाउनलोड कर लेते हैं या उस पर क्लिक कर देते हैं। ऐसी फाइलें मोबाइल की सुरक्षा और निजी जानकारी के लिए खतरा बन सकती हैं।
अनजान APK फाइल डाउनलोड करने से बचें
साइबर सुरक्षा के लिहाज से किसी अनजान नंबर से आई APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। आरटीओ चालान की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या अधिकृत ऐप का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके स्रोत की जांच जरूरी है।
अगर खाते से संदिग्ध लेनदेन हो जाए तो तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है।
