धोद नगरपालिका में 90 साल के बुजुर्ग ने डाला वोट, अब तक 31.71 प्रतिशत मतदान
सीकर जिले की धोद नगरपालिका चुनाव में लोकतंत्र के प्रति उत्साह की तस्वीर सामने आई है। यहां 90 साल के बुजुर्ग मतदाता ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान करने पहुंचे बुजुर्ग ने लोगों को लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी का संदेश दिया।
नगरपालिका चुनाव के दौरान सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही देखने को मिली। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।
अब तक 31.71 प्रतिशत मतदान
धोद नगरपालिका क्षेत्र में शुरुआती घंटों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अब तक नगरपालिका क्षेत्र में 31.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
मतदान प्रतिशत में अलग-अलग वार्डों में अंतर देखने को मिल रहा है। कुछ वार्डों में मतदाताओं का उत्साह ज्यादा नजर आया, जबकि कुछ जगहों पर मतदान की गति अपेक्षाकृत धीमी रही।
वार्ड 9 में सबसे ज्यादा मतदान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धोद नगरपालिका के वार्ड नंबर 9 में सबसे अधिक मतदान हुआ है। यहां मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे और अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाला।
वहीं, वार्ड नंबर 15 में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया है। प्रशासन की ओर से मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की जा रही है।
बुजुर्ग मतदाता बने प्रेरणा
90 वर्षीय बुजुर्ग मतदाता का मतदान करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हर मतदाता की भूमिका महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग भी लगातार बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रहा मतदान
धोद नगरपालिका चुनाव को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना प्रक्रिया के जरिए परिणाम घोषित किए जाएंगे।
नगरपालिका चुनाव में उम्मीदवारों की किस्मत अब मतदाताओं के हाथों में है। मतदान प्रतिशत बढ़ने के साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर भी धीरे-धीरे साफ होती जाएगी।
