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सीकर में 17 साल की नाबालिग लड़की लापता, घर से नकदी और जेवरात भी गायब

 
सीकर में 17 साल की नाबालिग लड़की लापता, घर से नकदी और जेवरात भी गायब

राजस्थान के सीकर जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद से परिवार में चिंता का माहौल है। वहीं घर से करीब एक लाख रुपये नकद और कुछ जेवरात भी गायब बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और नाबालिग की तलाश की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाबालिग के माता-पिता दोनों ही रोजमर्रा की तरह काम पर गए हुए थे। घर में उस समय उनकी 17 वर्षीय बेटी अकेली थी। दोपहर के बाद जब उसकी मां काम से वापस घर लौटी तो बेटी घर पर नहीं मिली। पहले तो परिवार ने आसपास और पड़ोस में उसकी तलाश की, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।

परिजनों के अनुसार, घर की तलाशी लेने पर उन्हें पता चला कि घर से करीब एक लाख रुपये नकद और कुछ जेवरात भी गायब हैं। इसके बाद परिवार को शक हुआ कि लड़की संभवतः अपने साथ नकदी और जेवरात लेकर कहीं चली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में जाकर इसकी सूचना दी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नाबालिग के लापता होने का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और संभावित स्थानों पर उसकी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नाबालिग किस दिशा में गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लड़की किसी के साथ गई है या फिर किसी के बहकावे में आकर घर से निकली है। इसके अलावा पुलिस उसके दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि उसके बारे में कोई सुराग मिल सके।

घटना के बाद से परिवार काफी परेशान है और बेटी के जल्द से जल्द सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि नाबालिग की तलाश के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर किसी को नाबालिग के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।