रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बाहर ग्रामीणों का जोरदार धरना-प्रदर्शन, जानिए क्या हैं वे 8 मांगें जिन पर अड़े हैं आंदोलनकारी
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के किले में सोमवार को खिलचीपुर निवासी चौकीदार राधेश्याम माली की मौत से गुस्साए ग्रामीणों का धरना सोमवार सुबह से शुरू हुआ जो अभी भी जारी है। ग्रामीणों ने रणथंभौर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने सवाई माधोपुर-कुंडेरा मुख्य मार्ग पर धरना जारी रखा हुआ है। ग्रामीण आठ सूत्री मांगों को लेकर रात को भी धरने पर डटे रहे। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, धरना जारी रहेगा। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से लिखित आश्वासन चाहते हैं। लोग कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना को भी मौके पर बुलाने की मांग कर रहे हैं।
सोमवार तड़के एक बाघ ने रणथंभौर किले में जैन मंदिर के 60 वर्षीय चौकीदार राधेश्याम माली को मार डाला। कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने शव को ढूंढ़कर कब्जे में लिया और जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया। तब से मृतक का शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया हुआ है। घटना के बाद मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण रणथंभौर के प्रवेश द्वार पर पहुंचे और आठ मांगों को लेकर सवाई माधोपुर-कुंडेरा मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का धरना सोमवार सुबह 9 बजे से जारी है। पिछले करीब दो महीने में रणथंभौर में बाघ के हमलों में तीन लोगों की जान जा चुकी है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति जबरदस्त गुस्सा है।
ग्रामीणों का आठ सूत्री मांग पत्र:-
मृतक राधेश्याम के परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
10 बीघा जमीन
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
रणथंभौर की वन्यजीव समिति भंग की जाए
रणथंभौर से लापरवाह अधिकारियों को हटाया जाए
बाघों की निगरानी बेहतर की जाए
गणेश धाम पर पर्यटकों के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं
गणेश धाम के पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
