रणथंभौर टाइगर रिजर्व से टाइगर टी-2408 को दूसरे रिजर्व में शिफ्ट किया गया
सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से एक बार फिर एक टाइगर को दूसरे रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। शुक्रवार सुबह खंडार रेंज के लाहपुर वन क्षेत्र में टाइगर टी-2408 को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित तरीके से नए रिजर्व के लिए रवाना किया गया। वन विभाग ने बताया कि इस शिफ्ट का उद्देश्य टाइगर की सेहत और विभिन्न रिजर्वों में जैविक संतुलन बनाए रखना है।
सूत्रों के अनुसार, टाइगर टी-2408 को सुबह के समय ट्रेंकुलाइज किया गया और उसे हेलीकॉप्टर के माध्यम से दूसरे रिजर्व तक ले जाया गया। वन अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा और टाइगर की आरामदायक स्थिति को प्राथमिकता दी। ट्रांसपोर्ट के दौरान वन विभाग के अनुभवी अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के प्रमुख ने बताया कि टी-2408 को पिछले कुछ समय से नए क्षेत्रों में जीवविविधता और प्रजनन को संतुलित करने के लिए शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा, “इस तरह के शिफ्ट से न केवल टाइगर के क्षेत्रीय दबाव को कम किया जाता है, बल्कि दूसरे रिजर्व में टाइगर की उपस्थिति से शिकार और वन्यजीव संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।”
वन विभाग के अनुसार, टाइगर शिफ्टिंग की प्रक्रिया बेहद सावधानीपूर्वक और वैज्ञानिक ढंग से की जाती है। ट्रेंकुलाइजेशन के दौरान टाइगर को तनाव से बचाने के लिए विशेष दवाओं और तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद उसे ट्रक या हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि टाइगर को शिफ्ट करने के पीछे दो प्रमुख उद्देश्य होते हैं। पहला, रणथंभौर रिजर्व में टाइगर की संख्या को नियंत्रित करना ताकि खाद्य और शिकार का संतुलन बना रहे। दूसरा, अन्य रिजर्वों में कमजोर या घातक टाइगरों की आबादी बढ़ाना, जिससे वहां जैविक संतुलन और पारिस्थितिकी का संरक्षण हो।
स्थानीय वन रक्षक और अधिकारी इस प्रक्रिया के दौरान चौकस रहे। उन्होंने पूरे इलाके को नियंत्रित किया और सुनिश्चित किया कि न तो टाइगर को कोई चोट पहुंचे और न ही पर्यावरण को कोई नुकसान हो। वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों को भी ट्रांसपोर्ट के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ वर्षों में कई टाइगरों को अन्य रिजर्वों में शिफ्ट किया जा चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रबंधन नीति संरक्षण और प्रजनन रणनीति का हिस्सा है। इस तरह की पहल से टाइगर की संख्या संतुलित रहती है और उनकी प्राकृतिक जीवनशैली प्रभावित नहीं होती।
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि टाइगर शिफ्टिंग के दौरान किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां पूरी तरह से वैज्ञानिक आधार और सुरक्षा मानकों के तहत की जाती हैं।
इस प्रकार, रणथंभौर टाइगर रिजर्व से टाइगर टी-2408 का शिफ्टिंग सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह कदम टाइगर संरक्षण और जैविक संतुलन बनाए रखने की दिशा में वन विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।
