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रणथंभौर में विदेशी मेहमानों को दिखा बाघ, जंगल सफारी के दौरान रोमांचक पल कैमरे में कैद

 
रणथंभौर में विदेशी मेहमानों को दिखा बाघ, जंगल सफारी के दौरान रोमांचक पल कैमरे में कैद

राजस्थान के Sawai Madhopur स्थित Ranthambore National Park में हाल ही में एक खास पल देखने को मिला, जब जंगल सफारी के दौरान विदेशी पर्यटकों को बाघ का शानदार दीदार हुआ। इस रोमांचक घटना के दौरान अमेरिकी पर्यटक पॉल फिट्जगेराल्ड और उनके साथ आए राहुल स्वामी को जंगल में बाघ दिखाई दिया, जिसका वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि दोनों पर्यटक रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी के लिए पहुंचे थे। सफारी के दौरान जब उनका वाहन जंगल के एक मार्ग से गुजर रहा था, तभी अचानक झाड़ियों के पास एक बाघ दिखाई दिया। बाघ को देखते ही वहां मौजूद पर्यटकों और गाइड में उत्साह का माहौल बन गया। इस दौरान पर्यटकों ने बाघ के इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर लिया।

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान देश के सबसे प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में से एक माना जाता है और यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक बाघ देखने के लिए आते हैं। Sawai Madhopur से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित यह पार्क वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है। यहां बंगाल टाइगर सहित कई दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं।

जंगल सफारी के दौरान बाघ का दिखना पर्यटकों के लिए बेहद खास अनुभव माना जाता है, क्योंकि बाघ अक्सर घने जंगलों में छिपा रहता है और हर सफारी में उसका दीदार होना संभव नहीं होता। ऐसे में जब पर्यटकों को खुले इलाके में बाघ दिखाई देता है तो यह उनके लिए यादगार पल बन जाता है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार निगरानी में रखी जाती है। यहां कैमरा ट्रैप और गश्त के माध्यम से बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। जंगल में पर्यटकों की आवाजाही भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही कराई जाती है, ताकि वन्यजीवों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

रणथंभौर क्षेत्र अरावली और विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं के संगम क्षेत्र में स्थित है और यहां सूखे पर्णपाती जंगल, पहाड़ियां और जलाशय वन्यजीवों के लिए अनुकूल आवास प्रदान करते हैं। यही कारण है कि यह क्षेत्र बाघों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि रणथंभौर में बाघों की बढ़ती संख्या और उनका प्राकृतिक व्यवहार देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं। पॉल फिट्जगेराल्ड और राहुल स्वामी को सफारी के दौरान बाघ का दिखाई देना भी इसी आकर्षण का उदाहरण है।

स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं रणथंभौर की लोकप्रियता को और बढ़ाती हैं। जब पर्यटक अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करते हैं तो इससे देश-विदेश के लोगों में यहां आने की उत्सुकता बढ़ती है।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अक्टूबर से जून तक पर्यटन सीजन रहता है, जिसमें हजारों पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेने पहुंचते हैं। बाघ के साथ-साथ यहां तेंदुआ, भालू, सांभर, चीतल और कई प्रजातियों के पक्षी भी देखने को मिलते हैं, जो इसे भारत के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं।