रणथंभौर में सफारी के दौरान टाइगर का रास्ता रोका गया, पर्यटक वाहनों से घिरा बाघ, वीडियो वायरल
Ranthambore Tiger Reserve में सफारी के दौरान एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें पर्यटक वाहनों द्वारा एक बाघ का रास्ता रोक दिया गया। यह घटना जोन-3 में उस समय हुई जब जंगल सफारी के लिए निकली गाड़ियां बाघ के आसपास अनियंत्रित तरीके से खड़ी हो गईं, जिससे वन्यजीव को आगे बढ़ने के लिए रास्ता नहीं मिल सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ जंगल के रास्ते से गुजर रहा था, तभी कुछ सफारी जिप्सियां उसे करीब से देखने और फोटो लेने की कोशिश में उसके दोनों तरफ आकर खड़ी हो गईं। इस वजह से बाघ कुछ समय तक असहज स्थिति में फंसा रहा और उसे आगे बढ़ने में दिक्कत हुई।
Rajasthan Forest Department के नियमों के अनुसार, किसी भी स्थिति में वन्यजीवों को परेशान करना या उनके रास्ते को बाधित करना सख्त वर्जित है। इसके बावजूद हुई इस घटना ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और सफारी प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सफारी वाहन एक संकरी जंगल सड़क पर बाघ के चारों ओर खड़े हैं, जिससे वह कुछ देर तक वहीं रुकने को मजबूर हो जाता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल बाघ के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित करती हैं, बल्कि उसके लिए तनावपूर्ण स्थिति भी पैदा कर सकती हैं। टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की भीड़ और नियमों की अनदेखी वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
Ranthambore Tiger Reserve प्रशासन ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। संबंधित गाइड और ड्राइवरों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर नियमों के उल्लंघन की संभावना को देखते हुए कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी तथा सफारी वाहनों के संचालन पर और अधिक नियंत्रण लागू किया जाएगा। साथ ही पर्यटकों से अपील की गई है कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और निर्धारित नियमों का पालन करें।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि वन्यजीव पर्यटन के दौरान उत्साह के साथ-साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है, ताकि जंगल के राजा और अन्य जीव अपने प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रह सकें।
