सवाई माधोपुर में स्टारगेजिंग नाइट, खगोल विज्ञान से रूबरू हुए स्थानीय लोग
सवाई माधोपुर के दशहरा मैदान में रविवार की शाम स्थानीय लोगों ने आसमान के रहस्यों को करीब से देखने का अवसर पाया। Pie Matrix और Stellar Safari के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्टारगेजिंग नाइट ने शहरवासियों को खगोल विज्ञान की अद्भुत दुनिया से रूबरू कराया।
इस आयोजन में प्रसिद्ध खगोलविद मनीष लोगर और गणेश पाटीदार ने खगोल प्रेमियों को तारों, ग्रहों और आकाशगंगाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने दूरबीन और अन्य उपकरणों की मदद से ग्रहों, चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों को दिखाया, जिससे बच्चों और वयस्कों दोनों को खगोल विज्ञान का अनुभव वास्तविक रूप में मिला।
स्थानीय लोगों ने आसमान में दिखाई दे रहे विभिन्न तारामंडलों, उल्कापिंडों और ग्रहों की जानकारी हासिल की। विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की स्टारगेजिंग नाइट न केवल विज्ञान के प्रति उत्सुकता बढ़ाती है, बल्कि बच्चों और युवाओं में खगोल विज्ञान में रुचि पैदा करने का भी उत्तम तरीका है।
आयोजन स्थल पर उपस्थित लोगों ने दूरबीन के माध्यम से चंद्रमा की सतह, शनि के छल्ले और अन्य ग्रहों के अद्भुत दृश्य देखे। मनीष लोगर ने बताया कि स्टारगेजिंग केवल सितारों को देखने का माध्यम नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की विशालता और उसकी संरचना को समझने का विज्ञान भी है। गणेश पाटीदार ने आकाशीय पिंडों और उनके गतिशील व्यवहार के बारे में रोचक तथ्य साझा किए, जिससे उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।
Pie Matrix और Stellar Safari ने इस आयोजन का उद्देश्य बताया कि लोग विज्ञान और प्रकृति के बीच संबंध को समझें और खगोल विज्ञान के प्रति अपनी जिज्ञासा को बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शहर में ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे ताकि युवाओं और बच्चों में विज्ञान और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित किया जा सके।
स्टारगेजिंग नाइट में बड़ी संख्या में परिवार और बच्चे शामिल हुए। उन्होंने दूरबीन से ग्रहों और तारों का अवलोकन करते हुए इस शाम को यादगार बताया। कार्यक्रम में खगोल विज्ञान प्रेमियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासा भी व्यक्त की, जिसे विशेषज्ञों ने विस्तार से समझाया।
इस तरह सवाई माधोपुर के दशहरा मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम शहरवासियों के लिए न केवल मनोरंजक रहा, बल्कि खगोल विज्ञान की जानकारी और ब्रह्मांड के रहस्यों से परिचित होने का अनूठा अवसर भी साबित हुआ।
