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सवाई माधोपुर में रणथंभोर की बाघिन ‘सुल्ताना’ फिर सड़क पर दिखी, श्रद्धालु और पर्यटक रहे दंग

 
सवाई माधोपुर में रणथंभोर की बाघिन ‘सुल्ताना’ फिर सड़क पर दिखी, श्रद्धालु और पर्यटक रहे दंग

रणथंभोर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बार फिर बाघिन सुल्ताना का साया देखने को मिला। त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर करीब सुबह 9 बजे बाघिन बेखौफ अंदाज में सड़क पर चहलकदमी करती नजर आई। इस दौरान मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालु और पर्यटक इस अद्भुत दृश्य को देखकर दंग रह गए।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने बताया कि सुल्ताना सड़क पर घूमते हुए आसपास के वातावरण की जांच कर रही थी और किसी से भी डरती हुई नजर नहीं आई। इसका शांत और आत्मविश्वासी व्यवहार दर्शकों के लिए एक दुर्लभ अनुभव बन गया। कई पर्यटकों ने अपने मोबाइल फोन और कैमरों से इस बाघिन की तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुल्ताना पिछले कुछ महीनों से रणथंभोर और आसपास के क्षेत्रों में अपनी सक्रियता दिखा रही है। बाघिन के इसी तरह खुली जगहों पर आने के कारण वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को निर्देशित किया गया है कि वे सुल्ताना के नजदीक न जाएं और उसके रास्ते का सम्मान करें।

वन विभाग ने आगे बताया कि सुल्ताना अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और शिकार की तलाश में जंगल और पास-पड़ोस की खुली जगहों पर आती रहती है। इस बाघिन की सक्रियता क्षेत्र में पर्यटन को भी आकर्षित कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि हालांकि यह खूबसूरत दृश्य है, लेकिन बाघिन जंगली जानवर है और किसी भी अप्रत्याशित हमले की संभावना बनी रहती है।

स्थानीय व्यवसायियों और पर्यटकों ने कहा कि बाघिन के दिखाई देने से क्षेत्र में रोमांचक अनुभव के साथ-साथ सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। वन विभाग ने सुल्ताना की निगरानी के लिए कैमरे और ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग किया है। इसके माध्यम से बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सुल्ताना पिछले साल भी कई बार सड़क पर नजर आई थी और उसके खुली जगहों पर आने की आदत रही है। वन विभाग का कहना है कि यह बाघिन अपने क्षेत्र में मजबूत है और अन्य बाघों या शिकार पर नजर रखती है। अधिकारियों ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वह जंगल में जाने से पहले विभाग की निर्देशित मार्गदर्शिका का पालन करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन सुल्ताना की यह सक्रियता रणथंभोर क्षेत्र की जैव विविधता और पारिस्थितिकी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह संकेत है कि क्षेत्र में जंगली जीव अपनी प्राकृतिक आदतों के अनुसार सुरक्षित रूप से रह रहे हैं। इसके साथ ही यह पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

वन विभाग ने जिलेवासियों और पर्यटकों से आग्रह किया है कि बाघिन को परेशान न करें और उसके लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखें। अधिकारियों ने कहा कि सुल्ताना के खुले मैदान में आने की सूचना मिलने पर तुरंत नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

इस घटना ने सवाई माधोपुर में बाघिन सुल्ताना की लोकप्रियता और पर्यटन को फिर से उजागर किया है। वन विभाग ने आश्वासन दिया कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ बाघिन और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा।